नई दिल्ली, 10 मार्च। सुबह नींद भगाने से लेकर दिनभर की थकान दूर करने तक, चाय की एक प्याली लोगों को तरोताजा कर देती है। कई लोग दिन में दो से तीन बार चाय पीना पसंद करते हैं, लेकिन इसे पीने का सही समय और तरीका क्या होना चाहिए, इसके बारे में ज्यादातर लोग अनजान रहते हैं।
खाने के तुरंत बाद चाय पीने की आदत स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं मानी जाती। खाने के बाद चाय पीने से पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है। चाय में मौजूद टैनिन और कैफीन जैसे तत्व भोजन के पचने में रुकावट डाल सकते हैं। खासकर चावल खाने के तुरंत बाद चाय पीना पाचन तंत्र को धीमा कर सकता है और पेट में भारीपन पैदा कर सकता है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए यह आदत और भी हानिकारक हो सकती है, क्योंकि इससे ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ सकता है।
खाने के तुरंत बाद चाय पीने से दिमाग पर भी असर पड़ता है। कैफीन के कारण स्ट्रेस और तनाव बढ़ सकते हैं। इसके अलावा पेट दर्द, एसिडिटी और अपच जैसी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। चाय में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड हड्डियों के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है, जबकि कैफीन ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है।
सोने से पहले चाय पीना नींद में बाधा डाल सकता है और नींद की गुणवत्ता को कम कर सकता है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट के मुताबिक बहुत ज्यादा चाय और कॉफी पीना डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है। दिन में दो बार से ज्यादा मीठी चाय, कॉफी या सॉफ्ट ड्रिंक्स पीने से मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। इनमें मौजूद सुक्रोज लीवर, मांसपेशियों और छोटी आंत पर नकारात्मक असर डालता है।
चीनी कम करके या बिना चीनी के चाय पीना स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। सॉफ्ट ड्रिंक्स और ज्यादा मीठे पेय पदार्थों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।