नई दिल्ली, 10 मार्च। 3 मार्च से 10 मार्च तक मुंबई एयरपोर्ट कमिश्नरेट, कस्टम्स जोन-III के अधिकारियों ने कई अहम एनडीपीएस और सोने से जुड़े मामलों में कार्रवाई की है।
अधिकारियों के अनुसार, स्पॉट जांच और एपीआईएस प्रोफाइलिंग के आधार पर चार हाइड्रोपोनिक वीड के मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में कुल 12.031 किलो संदिग्ध हाइड्रोपोनिक वीड बरामद किया गया, जिसकी अवैध बाजार में कीमत लगभग 12.031 करोड़ रुपए है। ये पदार्थ बैंकॉक से आए पांच यात्रियों के पास से पाया गया। गिरफ्तार किए गए यात्रियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया।
इसी अवधि में तीन अलग-अलग सोने से जुड़े मामलों की भी जानकारी सामने आई। इन मामलों में तीन यात्रियों से कुल 409 ग्राम सोना बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 59.57 लाख रुपए है। अधिकारियों के अनुसार, यह सोना भी यात्रियों द्वारा लेकर आया गया था और इसके खिलाफ कस्टम्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
इसके अलावा, खास जानकारी के आधार पर एक और हाइड्रोपोनिक वीड का मामला दर्ज किया गया। इसमें बैंकॉक से आए एक यात्री के पास से 499 ग्राम संदिग्ध हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुआ, जिसकी अवैध बाजार में कीमत लगभग 49.9 लाख रुपए आंकी गई है। इस यात्री को भी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया।
मुंबई कस्टम्स जोन-III के अधिकारियों ने बताया कि इन सफल कार्रवाई के पीछे आधुनिक तकनीक और डेटा एनालिटिक्स का विशेष योगदान है। एपीआईएस प्रोफाइलिंग और यात्रियों की स्पॉट जांच ने अधिकारियों को संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने और समय पर कार्रवाई करने में मदद की।
कस्टम्स अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की कार्रवाइयों को और तेज और प्रभावी बनाने के लिए तकनीक और ट्रेनिंग दोनों पर ध्यान दिया जाएगा। मुंबई एयरपोर्ट पर निरंतर निगरानी और सटीक प्रोफाइलिंग की मदद से अवैध वस्तुओं की तस्करी को रोकने में सफलता मिल रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की लगातार कार्रवाई से देश में कस्टम्स और सीमा सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा।