नई दिल्ली, 10 मार्च। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को इंटरनेशनल एयरपोर्ट घोषित कर दिया है।
मंत्रिमंडल की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि तमिलनाडु में मंदिरों के शहर के रूप में प्रसिद्ध मदुरै स्थित मदुरै हवाई अड्डा राज्य के सबसे पुराने हवाई अड्डों में से एक है। यह दक्षिणी तमिलनाडु के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है और पर्यटन एवं तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान होता है।
बयान में आगे कहा गया कि मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों और व्यवसायों को आकर्षित करने की हवाई अड्डे की क्षमता शहर के ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप है।
सरकार का लक्ष्य 2047 तक 350 हवाई अड्डे स्थापित करना है। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने हाल ही में कहा कि भारत में वर्तमान में 164 हवाई अड्डे संचालित हैं और हमारा लक्ष्य 2047 तक लगभग 200 और हवाई अड्डे जोड़ना है। उन्होंने आगे कहा कि चुनौती हवाई अड्डों के निर्माण की नहीं, बल्कि "भारत में अधिक विमान कैसे लाए जाएं" की है।
नायडू के अनुसार, विनिर्माण प्रणाली को तैयार करके भारत नागरिक उड्डयन क्षेत्र में अगला कदम उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने हाल ही में कहा कि विनिर्माण प्रणाली न केवल अगले 10-20 वर्षों में बढ़ने वाली घरेलू मांग को पूरा करेगी, बल्कि भारत वैश्विक निर्यातकों का केंद्र भी बन सकता है।
नायवान उड्डयन में मांग और वृद्धि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देश में हवाई अड्डों, यात्रियों की संख्या और विमान बेड़े में दोगुनी वृद्धि हुई है, "यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और नागरिक उड्डयन में उनके द्वारा किए गए सुधारों, विशेष रूप से उड़ान योजना के कारण संभव हुआ है।"
मंत्री ने कहा कि नागर विमानन मंत्रालय विमानन क्षेत्र में विनिर्माण के लिए भारत के साथ साझेदारी करने के इच्छुक सभी लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।