100 करोड़ के आवास पर खंडेलवाल का हेमंत सोरेन को घेरा: बोले, यह दूसरा 'शीशमहल' है, स्पष्ट मानक हो

प्रवीण खंडेलवाल ने हेमंत सोरेन के सरकारी आवास पर उठाए सवाल, कहा-स्पष्ट मानक जरूरी


नई दिल्ली, 7 मार्च। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए कथित तौर पर 100 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले आधिकारिक आवास को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री या मंत्री के लिए सरकारी आवास और कार्यालय होना जरूरी है, लेकिन इसके लिए स्पष्ट नियम और मानक तय होने चाहिए।

प्रवीण खंडेलवाल ने आईएएनएस से कहा, "यह निश्चित रूप से जरूरी है कि हम अपनी दैनिक जिम्मेदारियों और कर्तव्यों को निभाने के लिए एक आधिकारिक आवास या कार्यालय रखें, लेकिन वह आवास कैसा हो और ऐसे कार्यालयों के क्या मानक हों, यह साफ तौर पर तय होना चाहिए।"

उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में 'शीशमहल' बनवाया था और अब हेमंत सोरेन भी उसी रास्ते पर चलते दिखाई दे रहे हैं।

भाजपा सांसद ने कहा कि इस तरह के मामलों में सरकार को एक स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि इस पर कहीं न कहीं एक पॉलिसी बननी चाहिए और कुछ मापदंड तय होने चाहिए। चाहे मुख्यमंत्री हों या मंत्री, सभी के लिए नियम एक जैसे होने चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो जनता के पैसों का दुरुपयोग होने का खतरा बढ़ जाएगा। जो पैसा जनता के विकास के लिए लगना चाहिए, वह कहीं न कहीं खुद के विकास में खर्च हो जाता है। इसलिए इस पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जरूरी हैं।

वहीं, दूसरी ओर, लोकसभा स्पीकर के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव पर भी प्रवीण खंडेलवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संसद के नियमों के अनुसार ऐसा प्रस्ताव तभी सदन में लाया जा सकता है, जब पीठासीन अधिकारी इसकी अनुमति दें और फिर उस पर चर्चा हो।

खंडेलवाल ने कहा कि यह प्रस्ताव किसी भी स्थिति में सफल नहीं होगा। एक बात बिल्कुल साफ है कि यह प्रस्ताव बुरी तरह से असफल होगा और कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों को अपनी वास्तविक स्थिति का एहसास हो जाएगा, क्योंकि यह प्रस्ताव पूरी तरह बेबुनियाद है और इसके पीछे कोई तार्किक आधार नहीं है।

इसके अलावा उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। भाजपा सांसद ने कहा कि कल्याण बनर्जी के बयान और व्यवहार से उनकी मानसिकता और राजनीतिक संस्कृति झलकती है।

खंडेलवाल ने कहा, "यह कल्याण बनर्जी की संस्कृति और मानसिकता को दर्शाता है। केवल कल्याण बनर्जी ही नहीं, बल्कि ममता बनर्जी की सरकार भी पश्चिम बंगाल में लगभग इसी तरह काम कर रही है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ताओं को हिंसा का सामना करना पड़ता है और वहां लोकतंत्र कमजोर होता दिखाई देता है।

इसके साथ ही भाजपा सांसद ने नेपाल में हाल ही में हुए चुनाव पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नेपाल में अब लोकतांत्रिक सरकार का गठन होगा और उम्मीद है कि नई सरकार भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत बनाएगी।

उन्होंने कहा, "नेपाल और भारत स्वाभाविक रूप से बहुत पुराने मित्र हैं। उम्मीद की जा रही है कि जो भी सरकार वहां बनेगी, वह भारत के साथ अपने संबंधों को बेहतर बनाएगी।"

खंडेलवाल ने यह भी कहा कि भारत ने समय-समय पर नेपाल की काफी मदद की है। आज के वैश्विक हालात में पड़ोसी देशों का साथ बहुत जरूरी है। मुझे विश्वास है कि नेपाल में बनने वाली नई सरकार भारत के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करेगी।
 

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