स्पेस में 608 दिन और 9 स्पेसवॉक करने वाली सुनीता विलियम्स, 'अंतरिक्ष' है उनकी सबसे पसंदीदा जगह

स्पेस में 608 दिन और 9 स्पेसवॉक करने वाली सुनीता विलियम्स, जिनकी 'अंतरिक्ष' है सबसे पसंदीदा जगह


नई दिल्ली, 7 मार्च। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जब अंतरिक्ष की दुनिया में महिलाओं की सफलता की बात करते हैं, तो सुनीता विलियम्स के उल्लेख के बिना यह अधूरा है। भारतीय मूल की इस अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री ने न सिर्फ स्पेस में सबसे ज्यादा समय बिताया है बल्कि वह अंतरिक्ष को अपनी सबसे पसंदीदा जगह भी बताती हैं।

सुनीता विलियम्स कहती हैं, “जो मुझे जानता है, उसे पता है कि अंतरिक्ष मेरी सबसे पसंदीदा जगह है।”

नासा में करियर को 27 साल देने वाली सुनीता का स्पेस से खास लगाव है। उन्होंने बताया भी था, “अंतरिक्ष स्टेशन, वहां के लोग, इंजीनियरिंग और विज्ञान शानदार है। हमने जो नींव रखी है, उससे चंद्रमा और मंगल की खोज आसान होगी। मैं बेहद उत्साहित हूं।”

उनकी यह भावना उनके 608 दिनों के स्पेस सफर, नौ स्पेसवॉक और तीन लंबी उड़ानों से साफ झलकती है। सुनीता विलियम्स ने कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए, जो नासा के अंतरिक्ष यात्रियों में दूसरे स्थान पर है। एक अमेरिकी द्वारा सबसे लंबी एकल उड़ान में वह छठे स्थान पर हैं, जहां उन्होंने बुच विल्मोर के साथ 286 दिन बोइंग स्टारलाइनर और स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन में बिताए। उन्होंने नौ स्पेसवॉक किए, जिनका कुल समय 62 घंटे 6 मिनट रहा यह किसी महिला द्वारा सबसे ज्यादा स्पेसवॉक का रिकॉर्ड है और कुल स्पेसवॉक समय में चौथा स्थान है।

सुनीता की पहली उड़ान दिसंबर 2006 में स्पेस शटल डिस्कवरी (एसटीएस-116) पर हुई। इसके बाद एसटीएस-117 मिशन में स्पेस शटल अटलांटिस के साथ वह लौटीं। वह एक्सपेडिशन 14/15 में फ्लाइट इंजीनियर के रूप में काम कर चुकी हैं और इस दौरान चार स्पेसवॉक पूरे किए, जो एक रिकॉर्ड बना। सुनीता ने साल 2012 में एक्सपेडिशन 32/33 में बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से उड़ान भरी और 127 दिन अंतरिक्ष में बिताए। इस दौरान एक्सपेडिशन 33 की कमांडर बनीं और स्टेशन रेडिएटर की मरम्मत के लिए तीन स्पेसवॉक किए।

जून 2024 में बोइंग स्टारलाइनर के क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन में सुनीता और बुच विल्मोर ने उड़ान भरी। वे एक्सपेडिशन 71/72 में शामिल हुईं और सुनीता ने एक्सपेडिशन 72 की कमान संभाली। इस दौरान दो स्पेसवॉक किए और मार्च 2025 में स्पेसएक्स क्रू-9 के तहत पृथ्वी पर लौटीं।

सुनीता ने अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा में कई अहम भूमिकाएं निभाईं। साल 2002 में नीमो मिशन में नौ दिन पानी के अंदर आवास में रहकर काम किया। पहली उड़ान के बाद अंतरिक्ष यात्री कार्यालय की उप प्रमुख बनीं। दूसरे मिशन के बाद रूस के स्टार सिटी में संचालन निदेशक रहीं। हाल ही में चंद्रमा मिशन के लिए हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म तैयार करने में भी मदद की।

सुनीता ने अमेरिकी नौसेना अकादमी से भौतिक विज्ञान में स्नातक और फ्लोरिडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग मैनेजमेंट में मास्टर्स किया है। नौसेना की सेवानिवृत्त कप्तान सुनीता 40 तरह के विमानों में 4 हजार से ज्यादा उड़ान के घंटे पूरे कर चुकी हैं। यही नहीं अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली व्यक्ति भी सुनीता ही हैं।
 

Trending Content

Forum statistics

Threads
13,710
Messages
13,747
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top