गुजरात निकाय चुनाव: कांग्रेस ने कसी कमर, जीत के लिए बनाईं रणनीतिक कमेटियां, बड़े नेताओं को मिली जिम्मेदारी

गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियां तेज, कांग्रेस ने बनाई स्टेट-लेवल कमेटियां


नई दिल्ली/अहमदाबाद, 5 मार्च (आईएएनएस) कांग्रेस ने इस साल होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों को कोऑर्डिनेट करने के लिए गुजरात में कई स्टेट-लेवल कमेटियां बनाई हैं। इसमें सीनियर नेताओं को स्ट्रैटेजी, कैंपेन ऑपरेशन और इलेक्शन मैनेजमेंट की देखरेख करने का काम सौंपा गया है, क्योंकि पार्टी ऑर्गेनाइजेशनल ग्राउंडवर्क शुरू कर रही है।

पार्टी जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने गुजरात में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव के लिए कमेटियों के गठन के प्रस्ताव को तुरंत मंजूरी दे दी है।

नोटिफिकेशन के मुताबिक, स्ट्रेटेजी कमिटी के चेयरमैन भरतसिंह सोलंकी होंगे। लालजी देसाई को वाइस चेयरमैन और हेमांग वासवदा को कन्वीनर बनाया गया है। कैंपेन कमिटी के चेयरमैन राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल होंगे, जबकि वाइस चेयरमैन परेश धनानी और कन्वीनर लोकसभा सांसद गेनिबेन ठाकोर होंगी।

इलेक्शन मैनेजमेंट कमिटी, जो ऑर्गेनाइजेशनल और इलेक्टोरल कोऑर्डिनेशन की देखरेख करेगी, के चेयरमैन सिद्धार्थ पटेल होंगे। वहीं, विधायक जिग्नेश मेवाणी को वाइस चेयरमैन बनाया गया है, जबकि सीनियर लीडर और पूर्व मंत्री बिमल शाह कन्वीनर होंगे। प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन कमेटी के चेयरमैन जगदीश ठाकोर होंगे, जबकि वाइस चेयरमैन इंद्रविजयसिंह गोहिल और कन्वीनर हिम्मतसिंह पटेल होंगे।

पार्टी का चुनावी एजेंडा बनाने के लिए, मैनिफेस्टो कमेटी के चेयरमैन विधायक शैलेश परमार होंगे, जबकि वाइस चेयरमैन रुत्विक मकवाना और कन्वीनर डॉ. मनीष दोशी होंगे। इसके अलावा, पार्टी ने कम्युनिकेशन और पब्लिसिटी संभालने के लिए भी तीन-तीन सदस्यों वाली कमेटियां बनाई हैं।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए, शाह ने कहा कि कमेटियों को बनाने की मंज़ूरी पार्टी की सेंट्रल लीडरशिप ने दी है और यह चुनाव की तैयारी में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि इन कमेटियों को बनाना बहुत ज़रूरी है और हाईकमान ने उन्हें मंजूरी दी है। आने वाले स्थानीय निकाय चुनाव राज्य में पार्टी की पॉलिटिकल स्ट्रैटेजी के लिए जरूरी हैं।

शाह ने कहा कि हम गुजरात में होने वाले चुनावों को लेकर बहुत सीरियस हैं क्योंकि वे 2027 के असेंबली चुनावों का माहौल बनाएंगे।

उनके मुताबिक, मेंबर्स के नाम स्टेट लीडरशिप ने इसलिए प्रपोज किए थे, ताकि इलेक्शन प्रोसेस के अलग-अलग एस्पेक्ट्स को कवर करते हुए ज्यादा से ज्यादा पार्टिसिपेशन पक्का किया जा सके। उन्होंने कहा कि नामों का प्रपोजल स्टेट लीडरशिप ने दिया था, ताकि बराबर पार्टिसिपेशन पक्का हो सके और इलेक्शन के हर एक एस्पेक्ट पर फोकस किया जा सके।

पैनल के बारे में बात करते हुए शाह ने कहा कि इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी ऑर्गेनाइजेशनल कोऑर्डिनेशन में अहम रोल निभाएगी। इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी सबसे जरूरी कमेटियों में से एक है क्योंकि यह बूथ-लेवल प्लानिंग पर फोकस करती है। शाह ने आगे कहा कि पार्टी लीडरशिप स्टेट में डेवलपमेंट्स पर पूरा ध्यान दे रही है।

उन्होंने कहा कि हम कड़ी मेहनत कर रहे हैं और नेता विपक्ष राहुल गांधी गुजरात पर बहुत फोकस कर रहे हैं। उम्मीद है कि तैयारियों और इलेक्शन प्रोसेस का रिव्यू करने के लिए कमेटियां कम से कम पांच से छह बार मिलेंगी।

गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव में पूरे स्टेट में म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, म्युनिसिपैलिटी और पंचायत के लिए इलेक्शन होते हैं और सिविक इलेक्शन के पास आते ही पॉलिटिकल पार्टियों ने ऑर्गेनाइजेशनल तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन चुनावों के नतीजों को अक्सर पार्टियां राज्य में बड़े चुनावी मुकाबलों से पहले जमीनी स्तर पर समर्थन और संगठन की ताकत के संकेत के तौर पर देखती हैं।
 

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