अहमदाबाद, 12 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट पर 'अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव' में हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज का वेन्यू पर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। स्वागत के तौर पर उन्हें पारंपरिक गुजराती स्कार्फ दिए गए। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकारों ने पारंपरिक डांस फॉर्म और लोक संगीत पेश करके जर्मन चांसलर का स्वागत किया और इस मौके को यादगार बनाया।
भारतीय प्रधानमंत्री और जर्मन चांसलर दोनों ने पतंग उड़ाकर उत्सव का आनंद लिया।
प्रधानमंत्री को 'भारत- वसुधैव कुटुम्बकम' संदेश वाली एक खास तौर पर डिजाइन की गई पतंग उड़ाते देखा गया, जो दुनिया को एक परिवार मानने की भारत की सोच को दिखाता है। कुछ पतंगों पर तिरंगा, हिंदू देवी-देवता, और दोनों नेताओं के डिजाइन भी थे।
दोनों नेताओं की झलक पाने के लिए नदी किनारे भारी भीड़ जमा हो गई। कई लोग भारतीय और जर्मन राष्ट्रीय झंडे लहराते दिखे, जो दोनों देशों के बीच पुरानी दोस्ती और बढ़ती साझेदारी को दिखाती है।
इस दौरान प्रधानमंत्री को जर्मन चांसलर को उत्तरायण के शानदार सेलिब्रेशन से जुड़ी सजावट, रीति-रिवाजों और परंपराओं का महत्व समझाते हुए भी देखा गया।
उत्सव में हिस्सा लेने के लिए गुजरात आए कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों से पीएम मोदी और जर्मन चांसलर मर्ज ने बातचीत की।
चांसलर मर्ज सोमवार सुबह भारत और जर्मनी के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करने के लिए अहमदाबाद पहुंचे।
पतंग महोत्सव से पूर्व पीएम मोदी और चांसलर मर्ज महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए साबरमती आश्रम गए, जहां उन्होंने गांधी के जीवन और विरासत को दिखाने वाली एक प्रदर्शनी देखी। जर्मन चांसलर ने विजिटर्स बुक में अपनी भावनाएं लिखीं।
दोनों नेता गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में द्विपक्षीय बातचीत करने वाले हैं, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत होने की उम्मीद है। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार शेयर करेंगे, साथ ही भारत और जर्मनी के व्यापार और उद्योग जगत के लोगों से मिलेंगे। भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी ने हाल ही में 25 साल पूरे किए हैं।
प्रधानमंत्री ऑफिस ने एक बयान में कहा, "दोनों नेता भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे, जिसने हाल ही में 25 साल पूरे किए हैं। उनकी चर्चा व्यापार और निवेश, तकनीक, शिक्षा, और स्किल में सहयोग को और बढ़ाने पर होगी। रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान, इनोवेशन और अनुसंधान, हरित विकास, और लोगों के बीच संबंधों जैसे जरूरी क्षेत्रों में सहयोग को भी आगे बढ़ाएगी।"
'अंतरराष्ट्रीय पतंग उत्सव' हर साल जनवरी में गुजरात में उत्तरायण के मौके पर होता है। उत्तरायण हिंदू कैलेंडर का एक विशेष समय है जो सूरज के उत्तर की ओर जाने और गर्मी के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है। इस उत्सव का आनंद लेने के लिए भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा दुनियाभर के लोग गुजरात पहुंचते हैं।