इंफाल, 3 मार्च। मणिपुर में जातीय सौहार्द्र का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए चार अलग-अलग समुदायों मैतेई, कुकी, नागा और मैतेई पंगल (मुस्लिम) के 24 युवाओं ने 11 दिवसीय ‘नेशनल इंटीग्रेशन टूर’ की शुरुआत की है। यह यात्रा केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल राज्यों तक जाएगी।
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न समुदायों से आने वाले ये युवा एक एकीकृत मणिपुर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को केइतलमानबी स्थित असम राइफल्स परिसर में ‘नेशनल इंटीग्रेशन टूर 2025-26’ को हरी झंडी दिखाई।
यह यात्रा 33वीं बटालियन, असम राइफल्स द्वारा आयोजित की गई है। 3 मार्च से 13 मार्च तक चलने वाली इस यात्रा में इंफाल, तिरुवनंतपुरम, कन्याकुमारी, मुंबई और कोलकाता जैसे शहर शामिल हैं। पहल के तहत मैतेई, कुकी, नागा और मैतेई पंगल समुदाय के छह-छह युवाओं को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जातीय संघर्ष के दौरान 47,000 से अधिक लोगों, जिनमें मैतेई और कुकी समुदाय के लोग शामिल थे, को असम राइफल्स ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। उन्होंने संकट के समय त्वरित और समर्पित प्रयासों के लिए बल की सराहना की।
उन्होंने कहा, “मतभेदों के बावजूद बड़ों को बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं करना चाहिए। हमें अतीत को भूलकर शांति और विकास की दिशा में मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।”
कार्यक्रम के दौरान एक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने युवाओं से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। कुकी प्रतिभागियों से उन्होंने कुकी बोली में पूछा, “बु नानेहतहम” (क्या आपने खाना खाया?), जिस पर युवाओं ने जवाब दिया, “का ने ताई” (हमने खाना खा लिया है)। उन्होंने युवाओं को इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने और सार्थक अनुभव हासिल करने के लिए प्रेरित किया, साथ ही राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
एक प्रतीकात्मक कदम के तहत चारों समुदायों के एक-एक सदस्य को मिलाकर एक समूह बनाया गया और उन्हें एकता एवं साझा पहचान के प्रतीक के रूप में ध्वज सौंपा गया। प्रतिभागियों को किट भी वितरित की गई।