गुवाहाटी, 3 मार्च। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने आने वाले राज्य चुनावों से पहले उन विधानसभा सीटों के आस-पास अपनी चुनावी रणनीति बनाई है, जहां 'बांग्लादेशी मूल के मुसलमानों' का दबदबा है।
पत्रकारों से बात करते हुए, सरमा ने दावा किया कि कांग्रेस गठबंधन के तहत जिन सीटों पर चुनाव लड़ रही है, उनमें ज्यादातर ऐसी सीटें हैं जहां कथित तौर पर बांग्लादेशी मूल के मुसलमानों की अच्छी-खासी तादाद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह तरीका पार्टी की राजनीतिक प्राथमिकता दिखाता है और असम के मूलनिवासी समुदायों के हितों से अलग है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "असम के लोगों को उन सीटों पर करीब से नजर रखनी चाहिए जिन पर कांग्रेस अपने गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रही है। इनमें से ज्यादातर सीटें बांग्लादेशी मूल की मुस्लिम आबादी वाली हैं। कांग्रेस साफ तौर पर राज्य के मूलनिवासी लोगों के साथ खड़ी नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, यह पैटर्न और साफ होता जा रहा है।
सरमा ने आगे कांग्रेस और एक्टिविस्ट से पॉलिटिशियन बने अखिल गोगोई की लीडरशिप वाली रीजनल पार्टी रायजोर दल के बीच कथित पॉलिटिकल मुकाबले का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मुकाबला भी ज्यादातर ऐसी ही सीटों तक ही सीमित है, जिससे कांग्रेस के चुनावी फोकस के बारे में उनके दावे को बल मिलता है।
सरमा ने आरोप लगाया, "शुरू से ही, मैंने कहा है कि कांग्रेस असम या वहां के मूल निवासियों के साथ जुड़ी हुई नहीं है। अगर मुकाबला जोरहाट या डिब्रूगढ़ जैसी सीटों पर होता, तो इसका मैसेज कुछ और होता। इसके बजाय, कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक आत्मा बांग्लादेशी मूल के मुस्लिम वोटरों के हाथों में गिरवी रख दी है और उन इलाकों से अपनी राजनीति चला रही है।"
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी राज्य में बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी के बीच आई है, क्योंकि पार्टियां विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज कर रही हैं।