लखनऊ, 3 मार्च। उत्तर प्रदेश के रायबरेली की मनीषा रावत ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से मिले ऋण और राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति के सहयोग से हैंडमेड चॉकलेट व्यवसाय को नई पहचान दी है। बिना गारंटी 9 लाख रुपए का ऋण मिलने के बाद उन्होंने न केवल अपना कारोबार बढ़ाया, बल्कि पांच अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया है।
रायबरेली की रहने वाली मनीषा रावत की उद्यमिता की कहानी स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही महिलाओं के लिए मिसाल बन गई है। वर्ष 2023 में उन्होंने घर से हैंडमेड चॉकलेट और बेकरी उत्पाद बनाने का छोटा व्यवसाय शुरू किया था। गुणवत्ता और स्वाद के कारण उनके उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी, जिससे कारोबार विस्तार के लिए अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता महसूस हुई।
पूंजी की कमी और गारंटी की बाध्यता उनके सामने बड़ी चुनौती थी। इसी दौरान अक्टूबर 2024 में उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की जानकारी मिली। स्थानीय बैंक अधिकारियों और जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के मार्गदर्शन में उन्होंने आवश्यक दस्तावेज तैयार कर आवेदन किया। करीब 20 दिनों के भीतर उन्हें 9 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हो गया।
ऋण स्वीकृत होने के बाद मनीषा ने अपने व्यवसाय का विस्तार किया और केक व चॉकलेट की दुकान शुरू की। बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने उत्पादन क्षमता बढ़ाई और स्थानीय स्तर पर पांच लोगों को रोजगार दिया। अब वह नियमित आमदनी अर्जित कर रही हैं और आत्मनिर्भर उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।
मनीषा का कहना है कि योजना के तहत बिना गारंटी ऋण और अपेक्षाकृत कम ब्याज दर ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया। किस्तों का भुगतान भी सुगमता से हो रहा है। वह अन्य महिलाओं और युवाओं को भी स्वरोजगार के लिए आगे आने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की सलाह देती हैं।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में देशभर के 48 सफल उद्यमियों को आमंत्रित किया गया था, जिनमें मनीषा रावत भी शामिल थीं। इस अवसर पर उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई।
मनीषा ने उन्हें और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपना प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में भी उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है। राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। मनीषा रावत की सफलता इसी प्रयास का एक उदाहरण मानी जा रही है।