पहला चंद्रग्रहण आज, जब चंद्रमा होगा 'ब्लड मून'! स्वामी वेदांत और आचार्य नंद लाल ने बताया क्या करें-क्या न करें

पहले चंद्रग्रहण पर स्वामी वेदांत प्रकाश और आचार्य नंद लाल ने दी सावधानी बरतने की सलाह दी


उत्तराखंड, 3 मार्च। 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है और दुनिया भर में दिखाई दे रहा है। खगोलीय रूप से यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण है, जिसे ब्लड मून भी कहा जाता है, क्योंकि चंद्रमा लाल रंग का नजर आता है।

पावन धाम और गीता भवन, हरिद्वार से आए स्वामी वेदांत प्रकाश और मोगा के आचार्य ननद लाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी।

स्वामी वेदांत प्रकाश पावन ने कहा, "आज पूर्णिमा के साथ चंद्रग्रहण भी है। भारत में ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। हालांकि, भारत में चंद्रमा शाम करीब 6:26 बजे उदय होता है, इसलिए यहां ग्रहण केवल 15-25 मिनट तक ही दिखेगा। अधिकांश समय ग्रहण पहले ही चल चुका होगा, लेकिन पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में थोड़ा बेहतर दिख सकता है।"

उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण से पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। आज सुबह 6 बजकर 20 मिनट से सूतक काल लागू हो गया है, जो ग्रहण समाप्त होने तक चलेगा। सूतक के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, पूजा-अर्चना, शुभ कार्य और भगवान को स्पर्श करना वर्जित माना जाता है।

उन्होंने चंद्रग्रहण को लेकर कहा कि ये भारत में थोड़े समय के लिए दिखाई देगा।

शास्त्री ननद लाल मोगा ने सभी लोगों को सूतक के दौरान ज्यादा कुछ न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "मैं सभी से कहना चाहूंगा कि आप सभी लोग सूतक के बाद ही कुछ खाएं। इस दौरान भगवान का नाम जप, कीर्तन या मंत्र जाप कर सकते हैं। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बाहर न निकलें, खाना-पीना न करें, चाकू आदि से कुछ न काटें। बुजुर्गों या दवा लेने वालों को कुशा डालकर ही दवा दें। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें और शुद्धिकरण करें।

यह ग्रहण 2026 का पहला और भारत में दिखने वाला एकमात्र प्रमुख चंद्र ग्रहण है। इस दौरान सभी लोग सावधानी बरतें।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
12,620
Messages
12,657
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top