भोपाल/इंदौर, 3 मार्च। मध्य प्रदेश में होली को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और अन्य प्रमुख शहरों में सुरक्षा-व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
हालांकि राज्य में होली बुधवार को मनाई जाएगी, लेकिन मंगलवार सुबह से ही राज्य की राजधानी भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था में काफी मजबूती देखी गई। राज्य सरकार ने मंगलवार से छुट्टी घोषित कर दी है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशों के बाद, अधिकारी विशेष रूप से संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री यादव ने 1 मार्च को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की थी।
मध्य प्रदेश पुलिस ने होली के संबंध में एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें नागरिकों को त्योहार के दौरान साइबर धोखाधड़ी से सावधान रहने की चेतावनी दी गई है और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट साझा न करने की अपील की गई है।
मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि होली से संबंधित किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या संपादित सामग्री, फोटो, वीडियो या भ्रामक पोस्ट को साझा करना, या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से उन्हें प्रसारित या अग्रेषित करना एक अपराध है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कृत्यों को अंजाम देने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने मंगलवार को कहा कि होली के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर में व्यापक चेकिंग शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि इंदौर पुलिस ने पिछले 24 घंटों में गिरफ्तार किए गए दो चाकू हमलावरों समेत 543 उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की है और 280 शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 185 के तहत मामला दर्ज किया है।
मंगलवार से दो दिनों के लिए ड्रोन गश्त और पुलिस फ्लैग मार्च शुरू कर दिए गए हैं।
रंगों के त्योहार के रूप में मशहूर होली भारत के सबसे जीवंत और व्यापक रूप से मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक है।
यह बुराई पर अच्छाई की विजय, वसंत ऋतु के आगमन और एक नई शुरुआत का प्रतीक है।
इस त्योहार में लोग एक-दूसरे पर रंग लगाते हैं, संगीत का आनंद लेते हैं, उत्सव के पकवान बांटते हैं और परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताते हैं।
होली की उत्पत्ति प्राचीन भारतीय पौराणिक कथाओं से जुड़ी है।
इस त्योहार से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कथाओं में से एक प्रहलाद और उनकी मौसी होलिका की कहानी है।
कथा के अनुसार, राक्षस राजा हिरण्यकश्यप अपने पुत्र प्रहलाद की भगवान विष्णु के प्रति अटूट भक्ति का विरोध करता था।
अपने पुत्र की आस्था से क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने प्रहलाद को मारने की साजिश रची।