नई दिल्ली, 3 मार्च। पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर ममता बनर्जी के सवाल पर भाजपा नेता प्रवीण खंडेलवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है। आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एसआईआर के बारे में सर्वोच्च न्यायालय ने भी स्पष्ट कर दिया कि एसआईआर चुनाव आयोग का अधिकार है, अवैध घुसपैठियों को मतदाता सूची से हटाना या जिन लोगों की मृत्यु हो गई है उनके नाम को हटाना या वे लोग जो वहां पर रहते ही नहीं है, उनके नाम को हटाना चुनाव आयोग का काम है।
प्रवीण खंडेलवाल ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस प्रकार से ममता बनर्जी ने पिछले सालों में अवैध घुसपैठियों को पनाह दी है, उनको मतदाता सूची से हटाया जाना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को अपना वोट बैंक खिसकता हुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन वे इस बात को भूल जाती हैं कि पश्चिम बंगाल के कुशासन ने अब बंगाल के लोगों को इस बात के लिए मजबूर कर दिया है कि वो सत्ता में परिवर्तन करें। ममता बनर्जी का बयान इसी बौखलाहट को दिखाता है।
उन्होंने राहुल गांधी के बयान पर कहा कि लोकतंत्र में हर प्रक्रिया निश्चित है। अगर आपको चुनाव आयोग का कोई भी निर्णय ठीक नहीं लग रहा है, तो चुनाव आयोग में जाएं और अपनी बात कहें। बायकॉट करने की बात इसलिए है, क्योंकि कांग्रेस पूरे देश में चुनाव हार रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस 99 चुनाव हार चुकी है, ऐसे में राहुल गांधी बंगाल को शतक पूरा करने में शामिल नहीं करना चाहते। इसलिए वे चुनाव के बहिष्कार की बात कर रहे होंगे। लोकतंत्र में आए चुनाव लड़ें।
प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति लोगों का अटूट विश्वास है। जिस दृढ़ संकल्प के साथ प्रधानमंत्री भारत को अग्रणी श्रेणी में लाकर खड़ा कर रहे हैं। यही वजह है कि नौजवानों की बड़ी संख्या है जो प्रधानमंत्री जी को फॉलो कर रही है।
इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष को लेकर सोनिया गांधी के बयान पर खंडेलवाल ने कहा कि ये उनका भ्रम है, और शायद उन्हें देश की विदेश नीति जो पूरी तरह से सफल है और कूटनीति से परिपूर्ण है उन्हें उसमें खोट दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि खोट नीति में नहीं है, खोट उनकी नियत में है।