नमो भारत कॉरिडोर पर एशियन बैंक अध्यक्ष हुए मुरीद, अत्याधुनिक सुविधाओं और तकनीक की जमकर की प्रशंसा

एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक की अध्यक्ष का नमो भारत कॉरिडोर दौरा, यात्री सुविधाओं की सराहना


नई दिल्ली, 2 मार्च। एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) के अध्यक्ष जोउ जियायी ने सोमवार को दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का दौरा किया। उनके साथ एआईआईबी के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी मौजूद रहे।

प्रतिनिधिमंडल का स्वागत नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एनसीआरटीसी) के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। दौरे की शुरुआत सराय काले खां नमो भारत स्टेशन से हुई, जहां एआईआईबी अध्यक्ष को भारत की पहली नमो भारत आरआरटीएस परियोजना के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी गई। उन्हें परियोजना की रूपरेखा, अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग और इसकी अभिनव पहलों की जानकारी दी गई।

सराय काले खां इस कॉरिडोर का प्रारंभिक एवं प्रमुख स्टेशन है, जो एक बहु-मोडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया गया है। यहां मेट्रो, रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी, सिटी बस स्टैंड और रिंग रोड से निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध है। प्रतिनिधिमंडल ने इस एकीकृत परिवहन व्यवस्था का प्रत्यक्ष अनुभव भी किया। अध्यक्ष को बताया गया कि फेज-1 के अंतर्गत तीनों प्राथमिक नमो भारत कॉरिडोर सराय काले खां पर मिलेंगे और आपस में इंटरऑपरेबल होंगे। मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) के सिद्धांत के तहत आरआरटीएस स्टेशनों को मौजूदा सार्वजनिक परिवहन साधनों से जोड़ा जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुगम और तेज आवागमन की सुविधा मिल सके और निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा मिले।

प्रतिनिधिमंडल को यह भी अवगत कराया गया कि नमो भारत परियोजना शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण और ट्रैफिक जाम जैसी चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभा रही है और दीर्घकालिक सतत शहरी विकास को बढ़ावा दे रही है। परियोजना के व्यापक आर्थिक लाभों, बहु-केंद्रित विकास (पॉलीसेंट्रिक डेवलपमेंट) और पूरे महानगरीय क्षेत्र के स्वरूप को बदलने की क्षमता की भी सराहना की गई। दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सराय काले खां से आनंद विहार स्टेशन तक नमो भारत ट्रेन में यात्रा की और यात्री-केंद्रित सुविधाओं का अनुभव किया। आनंद विहार स्टेशन पर उन्होंने जमीनी स्तर पर एमएमआई के प्रभाव को देखा।

अध्यक्ष ने अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग और ट्रेनों व स्टेशनों की समावेशी डिजाइन की प्रशंसा की। उन्होंने यात्रियों से बातचीत कर उनके अनुभव भी जाने। यात्रियों ने बताया कि नमो भारत से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आई है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। जियायी को एनसीआरटीसी के जेंडर-समावेशी संचालन मॉडल की भी जानकारी दी गई। उन्होंने महिला ट्रेन ऑपरेटरों और स्टेशन नियंत्रकों से बातचीत की, जो कार्यबल का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यह पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारी-नेतृत्व विकास के विजन के अनुरूप है और नमो भारत को तकनीकी उत्कृष्टता के साथ महिला सशक्तिकरण का प्रतीक भी बनाती है।

उल्लेखनीय है कि 22 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया था, जिससे देश के शहरी परिवहन परिदृश्य में एक नए युग की शुरुआत हुई है।
 

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