मुंबई, 2 मार्च। शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने इजरायल, अमेरिका और ईरान में चल रहे तनाव पर कहा कि युद्ध किसी भी विषय का अंत नहीं है। उन्होंने कहा कि एक देश होने के नाते हमें भी सावधान रहना चाहिए।
मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में आनंद दुबे ने कहा कि ऐसे हालात में हमारे देश में कोई बहुत उग्र प्रदर्शन न हो, आगजनी न हो, इसके लिए हम सभी को अलर्ट रहना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्रालय हो, चाहे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हों, चाहे महाराष्ट्र के राज्य पुलिस विभाग के अधिकारी हों, सबको चौकस और सावधान रहना ही चाहिए, क्योंकि उसका असर कहीं न कहीं हम पर भी पड़ सकता है।
आनंद दुबे ने कहा कि आपने देखा कि इस घटनाक्रम में दुबई की कोई गलती नहीं थी, मिडिल ईस्ट के देशों की कोई गलती नहीं थी, फिर भी वहां बमबारी हो गई। ऐसे में सारे देश चौकन्ने हो गए हैं कि कहीं ये वर्ल्ड वॉर की तरफ तो नहीं बढ़ रहे हैं। इसके लिए हमारी अपनी विदेश नीति होनी चाहिए। पीएम मोदी पूरे मामले को देख रहे हैं। हम चाहते हैं कि शांति कायम हो।
उन्होंने कहा कि ईरान में खामेनेई की मौत हुई है। जिस प्रकार उन पर बमबारी हुई है, एक मुल्क होने के नाते हम संवेदना प्रकट कर सकते हैं और करनी भी चाहिए। हमारे देश से उस देश का कोई लेना-देना भी नहीं होना चाहिए। यह इजरायल जाने, अमेरिका जाने और ईरान जाने। हम एक देश होने के नाते यही चाहेंगे कि शांति हो, किसी प्रकार की हिंसा न हो। अमन और शांति का संदेश हमारे महापुरुषों ने हमें दिया है। भारत गौतम बुद्ध की भूमि है, यहां युद्ध का स्थान नहीं होना चाहिए। विपक्ष होने के नाते हम चाहेंगे कि सभी को शांति बनाए रखना चाहिए।
आनंद दुबे ने कहा कि विश्व में शांति होनी चाहिए। युद्ध नहीं होना चाहिए। युद्ध में बहुत लोग मारे जाते हैं। कलिंग का युद्ध हमने सुना है। कुरुक्षेत्र की लड़ाई के बारे में सुना है। युद्ध में करोड़ों-करोड़ों लोगों की मौत होती है। युद्ध आखिरी विकल्प होता है। अभी बहुत सारी बातचीत का दौर था। बैठकर बात कर सकते थे, लेकिन अब वही है कि कौन कहेगा, कौन सुनेगा।