नई दिल्ली, 1 मार्च। पटियाला हाउस कोर्ट ने एआई समिट के दौरान विरोध प्रदर्शन करने के मामले में गिरफ्तार 9 आरोपियों को जमानत दे दी है। इंडियन यूथ कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है।
एक तरफ जहां पटियाला हाउस कोर्ट ने प्रदर्शन के आरोप में गिरफ्तार 9 आरोपियों को जमानत दी है, वहीं सिद्धार्थ अवधूत की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है और उन्हें 4 दिन की अतिरिक्त पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
इस पर यूथ कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि सत्यमेव जयते। पटियाला हाउस कोर्ट ने यूथ कांग्रेस के हमारे 9 शेरों को जमानत दी, जिन्होंने भारत-विरोधी व्यापार समझौते के खिलाफ आवाज उठाई। यह लोकतंत्र की जीत है। असहमति व्यक्त करना एक मूलभूत अधिकार है, कोई देशद्रोह नहीं।
यूथ कांग्रेस की तरफ से आगे लिखा गया कि हम न्यायपालिका के आभारी हैं, जिन्होंने लोकतंत्र की रोशनी जलाए रखी। भारत-विरोधी व्यापार समझौते के खिलाफ लड़ाई अब और भी मजबूत संकल्प के साथ जारी रहेगी।
बता दें कि पहले इस मामले की सुनवाई के बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
याचिकाकर्ताओं की तरफ से कहा गया कि आरोप पांच साल से कम सजा वाले हैं, इसलिए जमानत का आधार बनता है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि जमानत देना नियम है, नहीं देना अपवाद, इसलिए जमानत दी जानी चाहिए। 9 दिनों तक पूछताछ की जा चुकी है और अब पुलिस को कस्टडी की जरूरत नहीं है, इसलिए अब जमानत का आधार बनता है।
याचिकाकर्ताओं की तरफ से कहा गया कि आरोपियों के न तो देश छोड़कर जाने का डर है और न ही गवाहों या सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश का रिस्क है।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने जमानत दिए जाने का विरोध किया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि शाहीन बाग प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्रदर्शन अधिकार हो सकता है, लेकिन राष्ट्र की छवि खराब नहीं होनी चाहिए।