नई दिल्ली, 24 फरवरी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन मामले की जांच अब तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत सात अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया।
इससे पहले गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने चिब को अदालत में पेश किया, जहां पाटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। जांच एजेंसी ने अदालत से सात दिन की कस्टडी की मांग करते हुए कहा कि चिब इस पूरे घटनाक्रम के 'मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड' हैं।
वहीं, बचाव पक्ष ने लंबी पुलिस हिरासत का विरोध किया, जबकि अभियोजन पक्ष ने व्यापक साजिश का खुलासा करने के लिए कस्टोडियल पूछताछ को जरूरी बताया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चार दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की।
जांच एजेंसियों के अनुसार, 20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान अवैध रूप से भीड़ जुटाने, कथित रूप से देश-विरोधी नारे लगाने और दंगा जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने आरोप लगाया कि चिब ने कृष्णा हरि, कुंदन यादव, नरसिम्हा यादव और अजय कुमार यादव के साथ मिलकर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों को रोकने और उनसे हाथापाई करने का प्रयास किया।
गिरफ्तारी मेमो में यह भी जिक्र है कि पूछताछ के दौरान चिब ने सहयोग नहीं किया और फरार आरोपियों तथा प्रदर्शन में इस्तेमाल टी-शर्ट की छपाई के स्रोत के बारे में जानकारी साझा नहीं की। बताया गया कि चिब को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में लगभग 15 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।
इस घटना को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। भाजपा ने इस प्रदर्शन को भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे युवाओं की चिंताओं को व्यक्त करने वाला शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताया। विपक्षी गठबंधन के कुछ सहयोगी दलों ने भी इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस की युवा इकाई की आलोचना की है।