यूएई पर हमलों से भड़के पीएम मोदी, राष्ट्रपति से बात कर की कड़ी निंदा; भारत ने जताई पूर्ण एकजुटता

पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति से की बात, हमलों की निंदा की; भारत ने जताई एकजुटता


नई दिल्ली, 1 मार्च। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान से फोन पर बातचीत की और खाड़ी देश पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस कठिन समय में यूएई के साथ भारत की एकजुटता भी व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैंने यूएई के राष्ट्रपति और मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की। मैंने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया। इन कठिन समय में भारत यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है।”

उन्होंने यूएई में रह रहे बड़े भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए वहां के नेतृत्व का आभार भी जताया। पीएम मोदी ने कहा, “यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय का ख्याल रखने के लिए उनका धन्यवाद किया। हम तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं।”

भारत और यूएई के बीच मजबूत रणनीतिक और आर्थिक संबंध हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों पर घनिष्ठ साझेदारी है। यूएई दुनिया के सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक का घर है, जो दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के रिश्तों को मजबूत करता है।

इसी बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार देर शाम राष्ट्रीय राजधानी में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह बैठक पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते भू-राजनीतिक हालात के मद्देनजर बुलाई गई।

यह बैठक अमेरिका-इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों और उसके बाद बढ़े क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि में हुई। रिपोर्टों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के मारे जाने का भी उल्लेख है, जिससे व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।

बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिसरी मौजूद थे।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और पुडुचेरी के दो दिवसीय दौरे से लौटने के बाद रात करीब 9:30 बजे दिल्ली पहुंचे और इसके तुरंत बाद सीसीएस की बैठक की अध्यक्षता की।

सीसीएस देश में सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर सर्वोच्च निर्णय लेने वाली समिति है, जिसमें प्रधानमंत्री और रक्षा, गृह, विदेश व वित्त मंत्री शामिल होते हैं।
 

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