चीन-अमेरिका व्यापार वार्ता का छठा दौर: चीन ने कहा- सहयोग, मतभेद सुलझाने को तैयार, मंत्रालय का स्पष्ट रुख

चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने चीन-अमेरिका व्यापार परामर्श के आगामी छठे दौर पर अपनी प्रतिक्रिया दी


बीजिंग, 26 फरवरी। चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने 26 फरवरी को एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। आगामी छठे दौर के चीन-अमेरिका व्यापार परामर्श के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में, वाणिज्य मंत्रालय की प्रवक्ता हे योंगछ्येन ने कहा कि चीन और अमेरिका ने चीन-अमेरिका व्यापार परामर्श तंत्र के माध्यम से सभी स्तरों पर निरंतर संचार बनाए रखा है।

चीन, बुसान बैठक और 4 फरवरी को दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुई फोन कॉल में बनी सहमति को लागू करने और उसकी रक्षा करने, समान परामर्श के माध्यम से मतभेदों का उचित प्रबंधन करने, व्यावहारिक सहयोग का विस्तार करने और चीन-अमेरिका के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के स्वस्थ, स्थिर और सतत विकास को बनाए रखने के लिए अमेरिका के साथ काम करने को तैयार है, ताकि दोनों देशों और दुनिया को बेहतर लाभ मिल सके।

जापान को निर्यात नियंत्रणों के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में, प्रवक्ता हे योंगछ्येन ने कहा कि हाल ही में, जापान ने अपने सैन्य निर्माण में तेजी लाई है, हथियारों के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के लिए प्रयास किया है, आक्रामक सैन्य बल विकसित किए हैं और 'तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों' में संशोधन करने की कोशिश की है। यह जापान के 'पुन: सैन्यीकरण' की गति बढ़ाने और परमाणु हथियार हासिल करने के प्रयास की खतरनाक प्रवृत्ति को दर्शाता है, जो क्षेत्रीय और विश्व शांति के लिए खतरा पैदा करता है।

24 फरवरी को, चीन ने जापान के "पुन: सैन्यीकरण" और परमाणु हथियार हासिल करने के प्रयासों को रोकने के लिए संबंधित जापानी संस्थाओं को अपनी निर्यात नियंत्रण सूची और निगरानी सूची में शामिल किया। यह कार्रवाई पूरी तरह से वैध, तर्कसंगत और कानूनी है।

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की चीन यात्रा के संदर्भ में हे योंगछ्येन ने कहा कि चीन और जर्मनी ने आर्थिक और व्यापारिक क्षेत्रों में गहन विचार-विमर्श किया है, जिससे सकारात्मक और व्यावहारिक परिणाम प्राप्त हुए हैं। चांसलर मर्ज़ के साथ अपनी मुलाकात के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस बात पर जोर दिया कि चीन और जर्मनी को खुले, पारस्परिक रूप से लाभकारी और नवोन्मेषी साझेदार बनना चाहिए।

साथ ही दोनों पक्षों को अपनी विकास रणनीतियों को जोड़ना चाहिए तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए। इससे चीन-जर्मन आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को और अधिक गहरा करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
 

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