टाटा और क्वालकॉम का बड़ा कदम: भारत में बनेंगे स्मार्ट कारों के 'दिल' ऑटोमोटिव मॉड्यूल, आत्मनिर्भर होगा देश

क्वालकॉम और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में ऑटोमोटिव मॉड्यूल का करेंगी उत्पादन


नई दिल्ली, 20 फरवरी। क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे असम के जागीरोड में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आगामी सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट सुविधा में 'क्वालकॉम ऑटोमोटिव मॉड्यूल' के निर्माण में सहयोग करेंगे।

'मेक इन इंडिया' पहल के अनुरूप यह सहयोग डिजिटल कॉकपिट, इंफोटेनमेंट, कनेक्टिविटी और इंटेलिजेंट व्हीकल सिस्टम्स के लिए ऑटोमोटिव तकनीकों का देश में ही उत्पादन करने का लक्ष्य रखता है।

इन मॉड्यूल्स का घरेलू निर्माण भारतीय और वैश्विक वाहन निर्माताओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ-साथ सप्लाई चेन को अधिक लचीला और विविध बनाने में मदद करेगा।

एक बयान में कहा गया कि इस नए सहयोग के साथ टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज के वैश्विक मॉड्यूल निर्माण साझेदारों के नेटवर्क में शामिल हो गया है, जिसका उद्देश्य मॉड्यूलर ऑटोमोटिव प्लेटफॉर्म की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करना है।

जारी बयान के अनुसार, क्वालकॉम ऑटोमोटिव मॉड्यूल्स में स्नैपड्रैगन डिजिटल चेसिस सिस्टम-ऑन-चिप्स को जरूरी सिस्टम कंपोनेंट्स के साथ एकीकृत कर एक तैयार-उत्पादन मॉड्यूल बनाया जाता है, जो वाहन निर्माताओं के लिए संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है।

कंपनियों ने कहा कि इन मॉड्यूल्स की सरल सिस्टम डिजाइन और तेज विकास प्रक्रिया से स्केलेबल और रेडी-टू-यूज आर्किटेक्चर तैयार होंगे, जो उद्योग को सॉफ्टवेयर-परिभाषित वाहनों की ओर बढ़ने में मदद करेंगे।

क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज के ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल और एम्बेडेड आईओटी एवं रोबोटिक्स विभाग के ईवीपी और ग्रुप जीएम नकुल दुग्गल ने कहा, "जैसे-जैसे उद्योग एकीकृत और मॉड्यूल-आधारित आर्किटेक्चर की ओर तेजी से बढ़ रहा है, प्रमुख क्षेत्रों में विनिर्माण क्षमता का विस्तार आवश्यक हो जाता है।"

वहीं, क्वालकॉम इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और अध्यक्ष सावी सोइन ने कहा, "समग्र और आसानी से एकीकृत किए जा सकने वाले समाधान प्रदान करके हम वाहन निर्माताओं को डिजाइन की जटिलता कम करने और अगली पीढ़ी के वाहनों को तेजी से बाजार में लाने में मदद करते हैं।"

सोइन ने आगे कहा कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के माध्यम से भारत में निर्माण करने से कंपनी की क्षमता बढ़ेगी, जिससे वह भारतीय और वैश्विक ओईएम को अधिक लचीलापन और मजबूत सप्लाई चेन के साथ सहयोग दे सकेगी।

जागीरोड में बन रही ग्रीनफील्ड, उच्च क्षमता वाली सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट सुविधा भारत की पहली स्वदेशी ओएसएटी (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) इकाई है, जिसे 3 अरब डॉलर के निवेश से बनाया जा रहा है।

यह सुविधा वायर बॉन्ड, फ्लिप चिप और इंटीग्रेटेड सिस्टम्स पैकेजिंग (आईएसपी) जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों पर काम करेगी और ऑटोमोटिव, कम्युनिकेशन, आईओटी और एआई जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए जरूरी उत्पादों का निर्माण करेगी।
 

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