लखनऊ, 20 फरवरी। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की उपलब्धियों का हवाला देते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
इंसेफेलाइटिस के उन्मूलन, 86 लाख किसानों की कर्जमाफी, 1.10 लाख युवाओं को ब्याजमुक्त ऋण और 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के विस्तार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नया उत्तर प्रदेश जाति की राजनीति नहीं, विकास और पारदर्शिता के मॉडल पर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियां उद्धृत करते हुए कहा, "मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का… जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर, क्रूर।"
उन्होंने कहा कि सपा सरकार के दौरान हर साल 1500 से 1700 बच्चों की इंसेफेलाइटिस से मौत होती थी, जिनमें दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चे अधिक प्रभावित थे। सीएम योगी ने कहा, "आपकी चार बार सरकार बनी, लेकिन आपने इस पर गंभीरता से विचार नहीं किया। हमने डाटा आधारित रणनीति बनाई और 2019 के बाद प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया।"
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कुछ जनपदों की ऐसी छवि बना दी गई थी कि वहां के लोगों को होटल में कमरा तक नहीं मिलता था। आज लोग गर्व से कहते हैं कि वे यूपी से हैं।
राजकोषीय प्रबंधन का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि 2016-17 में ऋण अनुपात 4.39 प्रतिशत था, जो अब घटकर 2.9 प्रतिशत रह गया है। हर बैंक आज उत्तर प्रदेश पर भरोसा करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में किसानों की कर्जमाफी का फैसला लेते समय भी सवाल उठे थे कि पैसा कहां से आएगा। उन्होंने कहा, "हमने बजट प्रबंधन के जरिए 86 लाख किसानों का कर्ज माफ किया। बड़े लक्ष्य तय किए बिना बड़े परिणाम नहीं मिलते।"
सीएम ने कहा कि 2018 में शुरू की गई ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के बाद प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र का व्यापक विस्तार हुआ है। वर्तमान में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां सक्रिय हैं और पंजीकृत इकाइयों को पांच लाख रुपए का बीमा कवर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत अब तक 1.10 लाख युवाओं को ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त ऋण दिया गया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को प्रशिक्षण के साथ आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। सीएम ने बजट में डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापना की घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश इंडस्ट्री 5.0 और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही थी, तब देश की छवि खराब करने का प्रयास किया गया।
निजी स्कूल-कॉलेजों की फीस तय करने के लिए कानून लाने की मांग पर नेता प्रतिपक्ष के बयान के दौरान सदन में हल्का माहौल भी बना। गलगोटिया विश्वविद्यालय से जुड़े प्रसंग पर मुख्यमंत्री समेत कई सदस्य मुस्कुराते नजर आए।