जेजीयू में 'शालू जिंदल परफॉर्मिंग आर्ट्स अकादमी' का भव्य शुभारंभ, कला-संस्कृति शिक्षा का नया दौर

जेजीयू में 'शालू जिंदल परफॉर्मिंग आर्ट्स अकादमी' का हुआ भव्य उद्घाटन, सांस्कृतिक शिक्षा और कलात्मक शोध को मिलेगा नया मंच


सोनीपत, 20 फरवरी। ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) में 'शालू जिंदल परफॉर्मिंग आर्ट्स अकादमी' का उद्घाटन किया गया। यह एक नई शैक्षणिक और सांस्कृतिक संस्थान है, जिसका उद्देश्य परफॉर्मिंग आर्ट्स की शिक्षा, कलात्मक शोध और जनसामान्य की सांस्कृतिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।

यह अकादमी विशेष रूप से प्रदर्शन, शिक्षण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए तैयार की गई है, जिसमें आधुनिक प्रोसिनियम स्टेज, उन्नत ध्वनि व्यवस्था, सीढ़ीनुमा बैठने की व्यवस्था और गैलरी स्पेस शामिल हैं। यहां पर प्रदर्शन, प्रदर्शनी, कार्यशालाएं और विभिन्न विषयों के बीच सहयोगात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह छात्रों, शिक्षकों, अतिथि कलाकारों और आम लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा और उच्च शिक्षा में कला की भूमिका को मजबूत करेगा।

उद्घाटन समारोह में प्रसिद्ध कुचिपुड़ी कलाकार और पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित डॉ. राजा रेड्डी, डॉ. राधा रेड्डी और डॉ. कौशल्या रेड्डी, जिंदल फाउंडेशन की अध्यक्ष शालू जिंदल और जेजीयू के चांसलर नवीन जिंदल उपस्थित रहे।

डॉ. राजा रेड्डी ने कहा कि शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण और नई पीढ़ी को अनुशासित एवं सार्थक रचनात्मक अभ्यास के लिए तैयार करने में ऐसे संस्थागत मंचों की अहम भूमिका होती है।

शालू जिंदल ने कहा कि यह अकादमी इस विश्वास को दर्शाती है कि कला समाज को संवेदनशील, विचारशील और सामंजस्यपूर्ण बनाती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अकादमी छात्रों को अनुशासन, रचनात्मकता और सेवा भावना के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा।

ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक चांसलर नवीन जिंदल ने कहा कि विश्वविद्यालयों का दायित्व केवल बौद्धिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सांस्कृतिक और कलात्मक संवेदनशीलता को भी बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अकादमी शिक्षा, संस्कृति और रचनात्मकता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के प्रति जेजीयू की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।

जेजीयू के संस्थापक कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) सी. राज कुमार ने बताया कि अकादमी का नाम शालू जिंदल के परफॉर्मिंग आर्ट्स, सांस्कृतिक सेवा और संस्थागत निर्माण में लंबे योगदान के सम्मान में रखा गया है। जिंदल फाउंडेशन और अन्य पहलों के माध्यम से उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और पारंपरिक कलाओं के प्रोत्साहन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह पहल जेजीयू में संगीत, नृत्य, रंगमंच और अन्य परफॉर्मिंग आर्ट्स कार्यक्रमों के साथ एक नए स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिसमें अनुभवात्मक शिक्षा पर विशेष जोर होगा।

शालू जिंदल परफॉर्मिंग आर्ट्स अकादमी जेजीयू के व्यापक सांस्कृतिक और शैक्षणिक ढांचे का हिस्सा है। यह मौजूदा शिक्षण सुविधाओं और जिंदल इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (जेआईसीसी) के साथ मिलकर विश्वविद्यालय की उस सोच को मजबूत करती है, जिसमें शैक्षणिक शोध और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को एक साथ जोड़ा गया है।

स्टेफेन पाउमियर द्वारा डिजाइन की गई इस इमारत की वास्तुकला ने इसे एक विशिष्ट पहचान दी है। इस ऐतिहासिक इमारत की कई मंजिलों में फैली यह अकादमी कलात्मक उत्कृष्टता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। इसमें 1,000 सीटों वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और 24 गैलरियां हैं, जहां विभिन्न प्रकार के प्रदर्शन और रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।

शालू जिंदल परफॉर्मिंग आर्ट्स अकादमी के शुभारंभ के साथ ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने उच्च शिक्षा में कला और संस्कृति को शामिल करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह विश्वविद्यालय को एक ऐसे केंद्र के रूप में स्थापित करता है, जहां रचनात्मक अभ्यास, शोध और जनभागीदारी साथ-साथ आगे बढ़ते हैं।

इस ऐतिहासिक समारोह के समापन भाषण में जेजीयू के रजिस्ट्रार प्रोफेसर दाबिरु श्रीधर पटनायक ने कहा कि यह उद्घाटन एक ऐतिहासिक क्षण है और जेजीयू समुदाय के लिए सांस्कृतिक विरासत की शुरुआत है, क्योंकि कला मानवता को ऊंचा उठाती है और समाज की भावना को मजबूत करती है।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top