नई दिल्ली, 20 फरवरी। टी20 विश्व कप 2026 का ग्रुप स्टेज अपने अंतिम पड़ाव पर है। ग्रुप स्टेज में कई बड़े उलटफेर देखने को मिले। जिम्बाब्वे ने अपने प्रदर्शन से हर किसी को खासा प्रभावित करते हुए सुपर 8 में अपनी जगह बनाई। वहीं, अपने पहले ही विश्व कप में इटली की टीम भी छाप छोड़ने में सफल रही। अफगानिस्तान और अमेरिका ने भी अपने दमदार खेल के बूते फैंस का दिल जीता।
भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे टी20 विश्व कप में जिम्बाब्वे ने ग्रुप स्टेज में ही दो बड़े उलटफेर किए। सिकंदर रजा की कप्तानी में जिम्बाब्वे ने आईसीसी टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीम मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से शिकस्त दी। ये विश्व कप 2026 का पहला बड़ा उलटफेर था, जिसने कंगारूओं को बाहर का रास्ता दिखाने में अपनी भूमिका निभाई। वहीं, ग्रुप स्टेज के अपने आखिरी मुकाबले में जिम्बाब्वे ने सह-मेजबान श्रीलंका को भी 6 विकेट से हराया।
टूर्नामेंट में चार ग्रुप मैचों में जिम्बाब्वे का बैटिंग ऑर्डर काफी दमदार नजर आया है। ब्रायन बेनेट के बल्ले से लगातार रन निकल रहे हैं। वह 3 मैचों में 175 रन बना चुके हैं। कप्तान सिकंदर रजा बल्ले और गेंद दोनों से अहम योगदान दे रहे हैं। गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजारबानी का प्रदर्शन अब तक कमाल का रहा है। 3 मैचों में वह 9 विकेट निकाल चुके हैं और टूर्नामेंट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में अभी तीसरे नंबर पर काबिज हैं।
पहली बार टी20 विश्व कप में अपनी जगह बनाने वाली इटली ने भले ही ग्रुप स्टेज में सिर्फ एक मैच में ही जीत दर्ज की, लेकिन टीम को एक भी मुकाबले में एकतरफा हार का सामना नहीं करना पड़ा। इटली की एकमात्र जीत भी बेहद यादगार रही। हैरी मैनेंटी की कप्तानी में इटली ने नेपाल को 10 विकेट से धूल चटाई। सगे भाइयों की जोड़ी जस्टिन और एंथनी मोस्का टूर्नामेंट में अपनी बैटिंग से छाप छोड़ने में सफल रहे।
अमेरिका भले ही सुपर 8 में अपनी जगह बनाने में नाकाम रही। हालांकि, टीम ने टूर्नामेंट के अपने पहले ही मैच में भारत जैसी बड़ी टीम के खिलाफ दमदार प्रदर्शन करके दिखाया। शैडली वैन शल्कविक ने अपनी गेंदबाजी से सबसे अधिक प्रभाव छोड़ा। वह 4 मैचों में 13 विकेट निकालने में सफल रहे। सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका ने पाकिस्तान को भी कड़ी टक्कर दी। अमेरिका के बल्लेबाज अगर शायद टूर्नामेंट में बेहतर खेल दिखाते, तो टीम अगले राउंड का टिकट हासिल कर सकती थी।
अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका के बीच खेला गया मैच टी20 विश्व कप के इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया। प्रोटियाज टीम को अफगानिस्तान को हराने के लिए दो सुपर ओवर खेलने पड़े। अफगानिस्तान के बल्लेबाजों का प्रदर्शन तो दमदार रहा, लेकिन टीम के बॉलर्स इस बार टूर्नामेंट में अपने नाम के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके।
नेपाल ने भी इंग्लैंड के खिलाफ यादगार प्रदर्शन के साथ टूर्नामेंट का आगाज किया था। टीम ने अपने दमदार प्रदर्शन के बूते विश्व क्रिकेट में अपनी पहचान बना ली है। नेपाल अगर इंग्लैंड को हराने में सफल हो जाती, तो शायद बढ़े हुए आत्मविश्वास के दम पर टीम टूर्नामेंट में और भी कमाल कर सकती थी।