लखनऊ, 19 फरवरी। उत्तर प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत 22 फरवरी को प्रदेशभर में विशेष अभियान दिवस आयोजित किया जाएगा।
इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर चल रहे पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत दावे और आपत्तियां प्राप्त करने तथा नोटिस चरण में प्रगति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया जाएगा।
अभियान दिवस पर सभी मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) पूर्वाह्न 10:30 बजे से अपराह्न 01:30 बजे तक उपस्थित रहेंगे और मतदाताओं से दावे-आपत्तियां स्वीकार करेंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें।
पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है, ताकि अधिकाधिक पात्र नागरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अपने नाम, पते अथवा अन्य विवरण में संशोधन, त्रुटि सुधार या नए नाम जुड़वाने के लिए 22 फरवरी को आयोजित विशेष अभियान दिवस का लाभ उठाएं।
उन्होंने यह भी बताया कि बूथ लेवल अधिकारी वर्तमान में मतदाताओं को नोटिस वितरित करने, तार्किक विसंगतियों से जुड़े मामलों में घर-घर जाकर सुनवाई करने और मतदाताओं से फार्म-6 प्राप्त करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगे हैं। इन गतिविधियों की प्राथमिकता को देखते हुए मतदाता सहायता केंद्रों पर पूर्वाह्न 10:00 बजे से मध्याह्न 12:00 बजे तक की अनिवार्य उपस्थिति व्यवस्था को फिलहाल समाप्त कर दिया गया है।
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि विशेष अभियान के माध्यम से मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने और पात्र नागरिकों का अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।