पटना, 19 फरवरी। पटना में नीट परीक्षार्थी की संदिग्ध मौत की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच में तेजी आ रही है।
गुरुवार को, जांच के सिलसिले में सीबीआई की एक टीम तीसरी बार जहानाबाद पहुंची।
इस बार, पांच सदस्यीय सीबीआई टीम सीधे मखदूमपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत छात्रा के मामा के गांव पहुंची।
परिवार के सदस्यों से कई घंटों तक लगातार पूछताछ की गई।
इससे पहले, 17 फरवरी को, सीबीआई टीम ने उसी गांव का दौरा किया था और छात्रा के माता-पिता, भाई, भाभी, दादी और बुआ से विस्तार से पूछताछ की थी।
उस दौरे के दौरान, छात्रा के भाई का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया।
जांचकर्ताओं को बाद में पता चला कि फोन मरम्मत के लिए मखदूमपुर की एक दुकान में दिया गया था।
जब टीम पहली बार दुकान पर पहुंची, तो वह बंद पाई गई। बाद में, मोबाइल फोन पास की एक पान की दुकान से बरामद किया गया।
सूत्रों का कहना है कि फोन की फोरेंसिक जांच से मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने पहले छात्रा के मामा को पूछताछ के लिए पटना बुलाया था।
जब वह उपस्थित नहीं हुए, तो जांच टीम ने उनके गांव जाकर वहीं पूछताछ करने का फैसला किया।
15 फरवरी को, आईजी और एसपी रैंक के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 20 सदस्यीय सीबीआई टीम ने भी गांव का दौरा किया था।
लंबी पूछताछ के बाद, टीम ने कथित तौर पर मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामग्री जब्त की।
मामले में 14 फरवरी की रात को एक और भयावह मोड़ आया, जब छात्रा के घर पर एक धमकी भरा नोट फेंका गया, जिसमें पूरे परिवार की हत्या की धमकी दी गई थी।
दो दिन बाद, एक और धमकी भरा नोट मिला, जो इस बार सीधे छात्रा के भाई को निशाना बना रहा था।
इन धमकियों के बाद, जांच पटना के गर्ल्स हॉस्टल से छात्रा के पैतृक गांव और हाल ही में उसके मामा के घर तक फैल गई।
बार-बार किए गए फील्ड निरीक्षण, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की जब्ती और परिवार के सदस्यों को धमकाने के साथ, मामला एक अत्यंत संवेदनशील चरण में प्रवेश कर गया है।
सूत्रों से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में कई नए और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं, जो संभावित रूप से जांच की दिशा बदल सकते हैं।