नई दिल्ली, 19 फरवरी। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा गुरुवार को हेनरी नाम के अपने पालतू रॉटवाइलर कुत्ते की अंतरिम कस्टडी देने के लिए हाईकोर्ट पहुंच गईं। हाईकोर्ट में इस मामले पर 29 अप्रैल को सुनवाई होगी।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस मनोज कुमार ओहरी की बेंच के समक्ष हुई। जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर वकील जय अनंत देहाद्रई को नोटिस जारी किया और इस पर जवाब मांगा है। इसके साथ ही सुनवाई के दौरान जय अनंत देहाद्रई खुद हाईकोर्ट के सामने पेश हुए।
महुआ मोइत्रा ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट ने तथ्यों पर सही ढंग से विचार नहीं किया और खारिज कर दिया था, जबकि कोर्ट को पूरी बात सुननी चाहिए थी। इसके बाद ही कुछ निर्णय लेना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि हेनरी को उन्हें एक पालतू जानवर के रूप में प्यार और देखभाल के लिए दिया गया था और वह मुख्य रूप से उनके घर पर ही रहता था। हालांकि, जब वह अपने संसदीय क्षेत्र में कार्य के सिलसिले में बाहर रहती थीं, तब हेनरी जय अनंत देहाद्राई के पास रहता था।
याचिका में यह भी कहा गया है कि ट्रायल कोर्ट के आदेश में कहीं यह दर्ज नहीं है कि जय अनंत देहाद्राई कुत्ते के वास्तविक मालिक हैं। साथ ही, केवल भुगतान के आधार पर मालिकाना हक मान लेना उचित नहीं है।
मोइत्रा का दावा है कि कुत्ते के लिए भुगतान उनकी ओर से किया गया था, जिसका खंडन नहीं किया गया है। अब इस मामले पर हाई कोर्ट में विस्तृत सुनवाई 29 अप्रैल को होगी।
वहीं, जय अनंत देहाद्रई का दावा है कि हेनरी उनके पास रहना चाहिए। वहीं, देहाद्रई का दावा है कि महुआ ने हेनरी को 'किडनैप' किया था, जबकि महुआ इसे अपना पालतू बताकर वापस पाना चाहती हैं।
बता दें कि हर महीने 10 दिनों के लिए हेनरी की अंतरिम कस्टडी की मांग वाली महुआ मोइत्रा की अर्जी को साकेत कोर्ट ने पिछले साल 10 नवंबर को खारिज कर दिया था। वह अब इसके खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची हैं।