भारत की पहली बुलेट ट्रेन: 200 से अधिक युवा इंजीनियरों ने निर्माण स्थलों पर पाया प्रत्यक्ष अनुभव, तकनीकी बारीकियां सीखीं

महाराष्ट्र : बुलेट ट्रेन साइट विजिट, 200 से अधिक युवा इंजीनियरों को मिला प्रत्यक्ष निर्माण अनुभव


मुंबई, 18 फरवरी। भारत के पहले मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) प्रोजेक्ट में युवा इंजीनियरों को प्रत्यक्ष निर्माण अनुभव देने के लिए नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने एक अनूठी पहल की है। कंपनी ने 200 से अधिक युवा इंजीनियरों के लिए मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन निर्माण स्थलों पर शैक्षिक और तकनीकी दौरों की एक विशेष श्रृंखला आयोजित की है।

यह कार्यक्रम अनुभवात्मक शिक्षा और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने के एनएचएसआरसीएल के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। इन दौरों का मुख्य उद्देश्य युवा इंजीनियरों को भारत के पहले हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में अपनाई जा रही उन्नत निर्माण तकनीकों, इंजीनियरिंग सटीकता और सुरक्षा मानकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है।

प्रतिभागी इंजीनियरों ने वायाडक्ट निर्माण, स्टेशन विकास, नदी पर पुलों का कार्य, ट्रैक स्थापना और अन्य प्रमुख निर्माण गतिविधियों का निकट से अवलोकन किया। निर्देशित साइट टूर के दौरान एनएचआरसीएल के वरिष्ठ इंजीनियरों और साइट प्रबंधन टीमों ने उन्हें परियोजना की जटिलताओं, समयबद्ध निष्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षा प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इंजीनियरों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर सवाल-जवाब सत्रों में भाग लिया, जिससे उन्हें सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक निर्माण चुनौतियों से जोड़ने का अवसर मिला।

ये साइट विजिट मुंबई, वडोदरा और अहमदाबाद क्षेत्रों में विभिन्न निर्माण स्थलों पर आयोजित किए गए। इनमें मुंबई के अंतिम स्टेशन, ठाणे, वीरार, बोइसर, वडोदरा के वायाडक्ट सेक्शन और अहमदाबाद के स्टेशन एवं डिपो क्षेत्र शामिल थे। एनएचएसआरसीएल ने विभिन्न तकनीकी संस्थानों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के छात्रों/युवा इंजीनियरों को इन दौरों में शामिल होने का न्योता दिया है।

एनएचएसआरसीएल के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल अगली पीढ़ी के इंजीनियरों को हाई स्पीड रेल प्रौद्योगिकी से परिचित कराने और उनके कौशल विकास में योगदान देने के लिए है। कंपनी भविष्य में भी ऐसे शैक्षिक दौरे जारी रखेगी ताकि भारत के इंजीनियरिंग छात्र और युवा प्रोफेशनल्स विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से सीख सकें।

कार्यक्रम में भाग लेने की योग्यता, बैच साइज, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और विभिन्न साइट लोकेशन्स की जानकारी एनएचएसआरसीएल की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। इच्छुक इंजीनियर और संस्थान वहां से आवेदन प्रक्रिया और शेड्यूल देख सकते हैं।

यह पहल मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को न केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना के रूप में बल्कि शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से राष्ट्रीय विकास से जोड़ने का प्रयास है। प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है और यह 320 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिए तैयार किया जा रहा है, जिसमें जापान की शिनकान्सेन तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है।
 

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