सरगुजा में शिक्षा और स्वच्छता की मिसाल: अदाणी विद्या मंदिर बना 'क्लीन एंड ग्रीन स्कूल' चैंपियन

सरगुजा में शिक्षा और स्वच्छता की मिसाल: अदाणी विद्या मंदिर को 'क्लीन एंड ग्रीन स्कूल ऑफ द डिस्ट्रिक्ट' सम्मान


अंबिकापुर, 18 फरवरी। ग्रामीण अंचल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश करते हुए अदाणी विद्या मंदिर सरगुजा को केंद्र सरकार की ग्रीन एंड क्लीन स्कूल पहल के तहत ‘क्लीन एंड ग्रीन स्कूल ऑफ द डिस्ट्रिक्ट’ सम्मान से नवाजा गया है। जिले के 2,365 से अधिक विद्यालयों के विस्तृत निरीक्षण के बाद स्कूल ने सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया और 5 स्टार रेटिंग प्राप्त की।

यह सम्मान 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा प्रदान किया गया। कार्यक्रम में जिलाधीश अजीत वसंत, राजेश अग्रवाल और जिला शिक्षा अधिकारी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। विद्यालय की ओर से उप-प्रधानाचार्य डॉ. टी. एल. वर्मा ने सम्मान ग्रहण किया।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय ने हाथ धोने की सुविधा और मिशन लाइफ के प्रभावी क्रियान्वयन में 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। स्कूल मेंटेनेंस में 95.24 प्रतिशत, व्यवहार परिवर्तन आधारित स्वच्छ आचरण में 90 प्रतिशत, सुरक्षित पेयजल व्यवस्था में 90.91 प्रतिशत तथा शौचालय सुविधाओं में 85.19 प्रतिशत अंक दर्ज किए गए। समग्र रूप से यह प्रदर्शन जिले में सर्वोच्च रहा।

पिछले दो वर्षों में विद्यालय परिसर में शुद्ध पेयजल प्रणाली, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, 80 केवीए क्षमता का सोलर प्लांट, किचन गार्डन और स्वच्छ शौचालय व्यवस्था विकसित की गई है। छात्रों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, काउंसलिंग और हाथ धोने की आदत को बढ़ावा देने जैसी पहलों ने परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाया है। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने अभियान को मजबूत आधार दिया है।

ग्रामीण सरगुजा क्षेत्र में स्थित यह विद्यालय वर्तमान में 1,040 विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है। 35 किलोमीटर के दायरे में यह एकमात्र सीबीएसई मान्यता प्राप्त विद्यालय है और छत्तीसगढ़ का इकलौता स्कूल है जिसे एनएबीईटी प्रमाणन प्राप्त है। एनएबीईटी क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के अंतर्गत शैक्षणिक संस्थानों को गुणवत्ता आधारित मान्यता प्रदान करता है।

विद्यालय में नाश्ता और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह एमयूबीएसएस द्वारा संचालित की जाती है। 250 से अधिक महिलाओं से जुड़े इस समूह की 17 सदस्य प्रतिदिन लगभग 1,000 बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन तैयार करती हैं। नाश्ते में मौसमी फल, दूध-हॉर्लिक्स तथा सप्ताहिक मेन्यू में दलिया, पोहा और उबला चना शामिल है, जबकि दोपहर के भोजन में दाल, चावल, रोटी, सब्जी के साथ सप्ताह में काबुली चना और सोयाबीन बड़ी परोसी जाती है। इससे बच्चों को संतुलित पोषण मिलने के साथ स्थानीय महिलाओं को स्थायी आजीविका भी मिल रही है।

उप-प्रधानाचार्य डॉ. टी. एल. वर्मा ने कहा कि यह सम्मान शिक्षकों, विद्यार्थियों और समस्त स्टाफ के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और यह उपलब्धि पूरे विद्यालय परिवार के उत्साह को नई ऊर्जा देती है।
 
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