नई दिल्ली, 18 फरवरी। गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ी भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हुई विवादास्पद घटना को लेकर विवाद जारी है। इस बीच बुधवार को यूनिवर्सिटी ने इस घटना के लिए माफी मांगी। वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसको लेकर गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर निशाना साधा है।
उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि तो ये जो गैलगोटियास अपने छात्रों को उदाहरण देकर सिखाता है कि किसी और के काम की नकल करो और उसे अपना बता दो। पकड़े जाने पर तुम अपनी गलती नहीं मानते और माफी नहीं मांगते, बल्कि बहाने बनाने में जुट जाते हो। जब इससे भी काम नहीं बनता तो तुम किसी कर्मचारी को बलि का बकरा बना देते हो और खुद को बचाने के लिए सारा दोष उसी पर मढ़ देते हो। शुक्र है कि मुझे ऐसी शिक्षा नहीं मिली।
वहीं, समिट स्थित यूनिवर्सिटी पवेलियन में एक प्रतिनिधि द्वारा चीनी कंपनी यूनिट्री के रोबोटिक डॉग 'ओरियन' (यूनिट्री गो2) को यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विकसित उत्पाद बताकर पेश करने से सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश फैला। यहां तक कि यूनिवर्सिटी को समिट के एक्सपो क्षेत्र से स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया।
यूनिवर्सिटी ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा, "हम हाल ही में एआई समिट में हुई कन्फ्यूजन के लिए माफी मांगते हैं। पवेलियन में मौजूद हमारे एक प्रतिनिधि को गलत जानकारी थी। उन्हें प्रोडक्ट के टेक्निकल ऑरिजिन के बारे में पता नहीं था और कैमरे पर आने के उत्साह में उन्होंने गलत जानकारी दी, जबकि उन्हें प्रेस से बात करने का अधिकार नहीं था।"
यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि इस इनोवेशन को गलत तरीके से दिखाने का कोई संस्थागत इरादा नहीं था। वे एकेडमिक इंटीग्रिटी, ट्रांसपेरेंसी और जिम्मेदारी से काम दिखाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। आयोजकों की भावनाओं को समझते हुए उन्होंने परिसर खाली कर दिया है।
विवाद तब शुरू हुआ जब कम्युनिकेशंस की प्रोफेसर नेहा सिंह ने एक इंटरव्यू में 'ओरियन' को यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा विकसित बताया। वीडियो वायरल होने पर यूजर्स ने इसे यूनिट्री गो2 बताया, जो चीन में निर्मित कमर्शियल प्रोडक्ट है और भारत में 2-3 लाख रुपए में उपलब्ध है। सोशल मीडिया पर इसे 'मिसरिप्रेजेंटेशन' और 'इंडियन एआई प्रोग्रेस पर झूठ' कहकर ट्रोल किया गया।