पटना, 18 फरवरी। पश्चिम बंगाल में जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर द्वारा बनाई जा रही बाबरी मस्जिद पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बिहार में एनडीए के नेताओं ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता बनर्जी भी कबीर का साथ दे रही हैं।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बाबरी मस्जिद से जुड़े मुद्दों पर भी बंगाल सरकार की भूमिका पर सवाल उठते हैं और ममता बनर्जी को डबल गेम नहीं खेलने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी बांग्लादेशी मुसलमानों के सहारे सत्ता में बनी रहना चाहती हैं, लेकिन अब बंगाल के हिंदू जाग चुके हैं। जो लोग ममता बनर्जी को ‘शेरनी’ कहते हैं, वे उन्हें गलत बताते हैं और आरोप लगाते हैं कि वे राज्य को बांग्लादेश बनाने की दिशा में ले जा रही हैं। वे आरोप लगाते हैं कि ममता बनर्जी तुगलक और औरंगजेब की तरह शासन चला रही हैं तथा हिंदुओं को दबाने का काम कर रही हैं।
भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने भी पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में जीत दर्ज की है और अब बंगाल में भी पार्टी का झंडा लहराएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी चुनावों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलेगा।
इधर बिहार की राजनीति में भी बयानबाजी तेज है। बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले वे अपने कार्यकाल का हिसाब दें।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार सभी वर्गों के लिए काम कर रही है और राज्य के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। शराबबंदी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यदि कहीं कमी पाई जाती है तो सरकार कार्रवाई करेगी।
इधर, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार की एनडीए सरकार से उनके कामकाज का हिसाब मांगा है, जिससे बिहार की राजनीति में सियासत गर्मा गई है। वहीं मंत्री दिलीप जायसवाल ने दिल्ली में आयोजित एआई समिट को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बिहार की सक्रिय भागीदारी रही है। उन्होंने बताया कि आईआईटी पटना में रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा और 468 करोड़ से अधिक के समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं।