नई दिल्ली, 18 फरवरी। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने नीट छात्रा मौत मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में संबंधित डॉक्टरों, अस्पताल कर्मियों और सभी संभावित व्यक्तियों से पूछताछ होनी चाहिए। सांसद ने आईसीयू की पूरी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने, संबंधित व्यक्तियों का डीएनए परीक्षण कराने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पारदर्शी समीक्षा करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि छात्रा की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, तो हर पहलू की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। मामले की जांच कर रही सीबीआई से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद है, लेकिन न्याय सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय को स्वतः संज्ञान लेने पर भी विचार करना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर सांसद पप्पू यादव ने डाटा सुरक्षा और डिजिटल ढांचे पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत में डाटा प्रबंधन को लेकर ठोस नीति और नियंत्रण की आवश्यकता है। उनका दावा था कि बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन से जुड़ी जानकारी विदेशों तक पहुंचने का खतरा बना हुआ है। पप्पू यादव ने कहा कि यदि मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग की बचत साइबर माध्यमों से प्रभावित हो रही है और उसकी सुनवाई नहीं हो रही, तो यह गंभीर स्थिति है।
पप्पू यादव ने तकनीकी प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में कहा कि अमेरिका और चीन जैसे देश एआई के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ चुके हैं, जबकि भारत को अभी लंबा रास्ता तय करना है।
उन्होंने कहा कि केवल बड़े आयोजनों से तकनीकी नेतृत्व स्थापित नहीं होता, बल्कि मजबूत बुनियादी ढांचे और सुरक्षित डिजिटल पारिस्थितिकी की जरूरत होती है। तकनीक का लाभ आम नागरिक तक पहुंचना चाहिए और डिजिटल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा राहुल गांधी और राजीव गांधी की तुलना पर भी पप्पू यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विमर्श में व्यक्तित्वों की तुलना के बजाय नीतियों और कार्यों पर चर्चा अधिक महत्वपूर्ण होनी चाहिए।