ईटानगर, 17 फरवरी। अरुणाचल प्रदेश के दूरस्थ वालोंग इलाके में 13 फरवरी को जंगल में लगी भीषण आग को बुझाने के लिए इंडियन आर्मी, इंडियन एयर फोर्स और स्थानीय सिविल प्रशासन का संयुक्त अभियान लगातार पांचवें दिन मंगलवार को भी जारी रहा।
इस जॉइंट फायरफाइटिंग ऑपरेशन में तेजी, समन्वय और निरंतर प्रयासों से आग पर काफी हद तक काबू पाया जा रहा है, हालांकि पूरी तरह बुझाने के लिए चुनौतीपूर्ण मौसम और दुर्गम इलाके में 24 घंटे काम किया जा रहा है।
स्पीयर कॉर्प्स (इंडियन आर्मी) के जवानों ने इस ऑपरेशन में मुख्य भूमिका निभाई है। वे इंडियन एयर फोर्स के हेलीकॉप्टरों के साथ मिलकर हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं और जहां जरूरी हो, पानी की बौछारें डालकर आग को नियंत्रित कर रहे हैं। भारी मशीनरी, विशेष फायरफाइटिंग उपकरण और बड़ी संख्या में मानव संसाधन के जरिए आग की लपटों को फैलने से रोका जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में आग बुझाने के बाद दोबारा भड़कने से रोकने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग और पेट्रोलिंग की जा रही है।
ऑपरेशन के पांचवें दिन जीओसी 2 माउंटेन डिवीजन ने खुद प्रभावित इलाके का दौरा किया। उन्होंने आग बुझाने की प्रगति का जायजा लिया और सैनिकों की लगन, बहादुरी तथा त्वरित प्रतिक्रिया की जमकर सराहना की। जीओसी ने कहा कि यह संयुक्त प्रयास न केवल आग पर काबू पाने में सफल रहा है, बल्कि स्थानीय समुदाय को सुरक्षा और समर्थन प्रदान करने का मजबूत संदेश भी दे रहा है।
उन्होंने बताया कि अब तक आग के फैलाव को काफी हद तक रोका जा चुका है और स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता बरतना अभी भी जरूरी है।
यह ऑपरेशन अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में सशस्त्र बलों और सिविल प्रशासन के बीच बढ़ते समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है। वालोंग जैसे दुर्गम क्षेत्र में जहां पहुंचना और काम करना दोनों ही चुनौतीपूर्ण है, वहां सेना, वायुसेना और स्थानीय प्रशासन के तालमेल से जानमाल की रक्षा की जा रही है।
स्थानीय निवासियों ने भी इस प्रयास की सराहना की है और कहा है कि सैनिकों की मौजूदगी से उन्हें भरोसा मिला है।