रामगढ़, 17 फरवरी। झारखंड के रामगढ़ में ट्रांसजेंडर समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने और सम्मानजनक रोजगार से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने अहम पहल की है। जिला कलेक्ट्रेट पार्क परिसर में राज्य का पहला ‘ट्रांस कैफे’ स्थापित किया गया है, जिसका उद्घाटन मंगलवार को उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने किया।
कैफे के संचालन की जिम्मेदारी ‘किन्नर उत्थान समिति’ नामक स्वयं सहायता समूह को सौंपी गई है। यहां फिलहाल चाय, कॉफी, स्नैक्स और हल्के खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे। भविष्य में ग्राहकों की मांग के अनुसार मेनू का विस्तार करने की योजना है।
उद्घाटन के बाद उपायुक्त ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “हर कप के साथ एक सपने को समर्थन।” उन्होंने कहा कि यह पहल आत्मसम्मान, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक स्वीकार्यता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे कैफे में आकर समुदाय का उत्साह बढ़ाएं। उपायुक्त ने बताया कि जिले में करीब 50 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की पहचान की गई है और उनके सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं।
ट्रांस कैफे इसी व्यापक योजना का हिस्सा है। फिलहाल इसका संचालन करने वाली समिति में इस समुदाय के 10 सदस्य शामिल हैं। इसी सप्ताह ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया गया है, ताकि इच्छुक सदस्य स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।
‘किन्नर उत्थान समिति’ की अध्यक्ष हिमांशी प्रधान ने कहा कि समाज में ट्रांसजेंडर समुदाय को लेकर कई पूर्वाग्रह हैं, लेकिन अवसर मिलने पर वे भी किसी अन्य व्यक्ति की तरह जिम्मेदारी निभा सकते हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कैफे उनकी क्षमता और आत्मविश्वास का प्रतीक बनेगा। प्रशासन ने हर शनिवार सदर अस्पताल में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए विशेष ओपीडी की व्यवस्था भी की है, ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इसके अलावा, रामगढ़ शहर में तीन सार्वजनिक स्थलों पर समुदाय के लिए विशेष शौचालयों का निर्माण कराया गया है।