गौतमबुद्ध नगर में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने DM का सख्त आदेश, 25 फरवरी तक 'जीरो फेटेलिटी' कार्य पूरे करें

गौतमबुद्ध नगर में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती, 25 फरवरी तक जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट के सभी कार्य पूरे करने के निर्देश


गौतमबुद्ध नगर, 17 फरवरी। जनपद गौतमबुद्ध नगर में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और ‘जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट’ लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा एवं जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट कार्यक्रम की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2025 तक चिन्हित 152 क्रिटिकल क्रैश प्रोन लोकेशंस और 35 सड़क दुर्घटना ब्लैक स्पॉट्स की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सभी ब्लैक स्पॉट्स पर निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप सड़क अभियान्त्रिकी उपाय—जैसे स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक, दिशा सूचक बोर्ड, ट्रैफिक सिग्नल और सीसीटीवी कैमरे—समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से स्थापित किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में शिक्षा, प्रवर्तन, अभियान्त्रिकी और आपातकालीन देखभाल पर आधारित ‘4ई मॉडल’ के प्रभावी और समन्वित क्रियान्वयन से ही दुर्घटनाओं में ठोस कमी लाई जा सकती है। बैठक में दुर्घटना पीड़ितों के लिए पैनल अस्पतालों में 1.5 लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया, ताकि घायल व्यक्तियों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।

विद्यालय वाहनों की सुरक्षा के लिए सघन फिटनेस जांच अभियान चलाने, सीसीटीवी और जीपीएस की अनिवार्य उपलब्धता, प्रशिक्षित चालक एवं सहायक स्टाफ की तैनाती तथा चालकों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान विभिन्न श्रेणियों की लोकेशंस के निरीक्षण की प्रक्रिया को गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए गए। जनपद में दो क्रिटिकल कॉरिडोर का संयुक्त निरीक्षण संबंधित रोड ओनिंग एजेंसी, स्वास्थ्य, परिवहन एवं पुलिस विभाग द्वारा किया जाएगा।

वहीं, 152 क्रिटिकल क्रैश प्रोन लोकेशंस का निरीक्षण संबंधित रोड एजेंसियां करेंगी। 15 ट्रैफिक वायलेशन लोकेशंस का निरीक्षण पुलिस एवं परिवहन विभाग संयुक्त रूप से करेंगे, जबकि 9 क्रिटिकल थानों का निरीक्षण पुलिस विभाग करेगा। इसके अतिरिक्त एक ऐसे स्थान का निरीक्षण स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाएगा, जहां एंबुलेंस हैंडओवर में 60 मिनट से अधिक विलंब दर्ज हुआ है।

मेधा रूपम ने निर्देश दिए कि सभी निरीक्षण डैशबोर्ड पर उपलब्ध मैप लोकेशन के आधार पर किए जाएं और वास्तविक स्थल निरीक्षण के बाद ही ऑनलाइन फॉर्म भरे जाएं। सभी प्रपत्रों की स्कैन कॉपी अपलोड करना अनिवार्य होगा, क्योंकि राज्य स्तरीय टीम द्वारा प्रत्येक प्रविष्टि की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट कार्यक्रम से संबंधित सभी कार्यवाही 25 फरवरी 2026 तक हर हाल में पूर्ण की जाए, अन्यथा संबंधित विभाग की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट सुधार कार्यों में तेजी लाने तथा अब तक की कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक का संचालन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. उदित नारायण पांडेय ने किया। इस दौरान अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रेटर नोएडा सुमित, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे, उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता, एसीपी ट्रैफिक शकील मोहम्मद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी टीकम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक सामूहिक दायित्व है और विभागीय समन्वय, तकनीकी सुधार तथा जनसहभागिता से ही गौतम बुद्ध नगर को जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट के लक्ष्य की दिशा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा सकता है।
 

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