हैदराबाद में वैश्विक जीवन विज्ञान राजधानी बनने की क्षमता: सीएम ए. रेवंत रेड्डी

हैदराबाद में वैश्विक जीवन विज्ञान राजधानी बनने की क्षमता: सीएम ए. रेवंत रेड्डी


हैदराबाद, 17 फरवरी। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि हैदराबाद में ग्लोबल वैक्सीन कैपिटल से ग्लोबल लाइफ साइंसेज कैपिटल बनने की पूरी क्षमता है। आईटी और इंडस्ट्रीज मंत्री डी. श्रीधर बाबू के साथ बायोएशिया 2026 के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि यह सालाना इवेंट हैदराबाद की लाइफ साइंसेज हब के रूप में सफलता का प्रमाण है।

उन्होंने भरोसा जताया कि बायोएशिया को जल्द ही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस की तरह अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने तेलंगाना की खूबियों पर जोर दिया, जो इसे ग्लोबल वैक्सीन कैपिटल से ग्लोबल लाइफ साइंसेज कैपिटल बनाने में मदद करेंगी। उन्होंने मजबूत विजन और स्पष्ट पॉलिसी, काबिल ह्यूमन रिसोर्स की मौजूदगी और बेहतरीन शैक्षिक संस्थानों को इसका मुख्य कारण बताया।

उन्होंने कहा कि हैदराबाद ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के लिए एक प्रमुख हब है, जहां रिसर्च और डिजाइन में बेहतरीन काम होता है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में दावोस में तेलंगाना नेक्स्ट-जेन लाइफ साइंसेज पॉलिसी के लॉन्च, जीनोम वैली के विस्तार, आई बॉयो और वर्ल्ड-क्लास रिसर्च व इनोवेशन के लॉन्च, ग्रीन फार्मा सिटी की गति बढ़ाने और हैदराबाद में अलग-अलग ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर खोलने का भी जिक्र किया।

उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में लाइफ साइंसेज सेक्टर में तेलंगाना को 73,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हैदराबाद जीसीसी बनाने, इनोवेशन इंजन स्थापित करने, मॉलिक्यूल्स और दवाएं डिजाइन करने, क्लिनिकल एनालिटिक्स मैनेज करने, एआई प्लेटफॉर्म बनाने और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए एक पसंदीदा जगह है।

बायोएशिया 2026 में दुनियाभर से आए लोगों की बड़ी संख्या को देखकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस अपने नाम से भी आगे बढ़ सकती है और इसका नाम बदलकर "बायो-वर्ल्ड" रखा जा सकता है।

उन्होंने हैदराबाद में फार्मा, बायोसाइंसेज, बायोटेक, बल्क ड्रग्स, वैक्सीन और हेल्थकेयर क्षेत्रों में बड़े विचारकों और बिजनेस लीडर्स की मौजूदगी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हैदराबाद एक भरोसेमंद, स्थिर और भविष्य के लिए तैयार इकोसिस्टम के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा, "बल्क ड्रग्स से लेकर बायोलॉजिक्स तक, मैन्युफैक्चरिंग से लेकर इनोवेशन तक, भारत से दुनिया तक, तेलंगाना वैल्यू चेन में अग्रणी बन रहा है।"

मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि राज्य 2030 तक लाइफ साइंसेज में 25 बिलियन डॉलर के निवेश और 5 लाख नौकरियों का लक्ष्य रख रहा है और इसके लिए तेलंगाना को दुनिया के शीर्ष तीन लाइफ साइंसेज क्लस्टर में शामिल करने का स्पष्ट रोडमैप तैयार है।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना एमआरएनए, जीन एडिटिंग और एआई-आधारित ड्रग डिस्कवरी में काम करने के लिए तैयार टैलेंट पूल विकसित कर रहा है और सप्लाई-लेड मैन्युफैक्चरिंग से आगे बढ़कर सॉल्यूशन-ड्रिवन ग्लोबल लीडरशिप की दिशा में बढ़ रहा है। इसके साथ ही हैदराबाद को अगली पीढ़ी के इनोवेशन और मेडिकल टूरिज्म के हब के रूप में मजबूत किया जा रहा है।

बायोएशिया 2026 में दुनिया भर के लाइफ साइंसेज इकोसिस्टम की 500 शीर्ष कंपनियों के 4,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया के प्रोफेसर ब्रूस लेविन को जीनोम वैली एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किया।
 
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