केरल ग्लोबल अयप्पा मीट में करोड़ों की वित्तीय अनियमितताएं: TDB ने ऑडिट रिपोर्ट पर सफाई में कहा- 'अधिकारियों की गलती'

केरल में ग्लोबल अयप्पा मीट विवाद: टीडीबी ने ऑडिट गड़बड़ियों पर सफाई दी, खर्च किया सीमित


तिरुवनंतपुरम, 17 फरवरी। केरल में ग्लोबल अयप्पा मीट को लेकर विवाद मंगलवार को बढ़ गया, जब ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय गड़बड़ियों का पता चला। इसके बाद त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने तुरंत सुधारात्मक कदम उठाना शुरू किया।

ऑडिट रिपोर्ट में करोड़ों रुपए की फिजूलखर्ची और संभावित भ्रष्टाचार के संकेत मिलने पर टीडीबी के प्रेसिडेंट के. जयकुमार ने संस्था का बचाव किया और कहा कि यह गलतियां सीधे तौर पर किसी बुरे इरादे से नहीं, बल्कि कन्फ्यूजन के कारण हुई हैं।

जयकुमार ने ऑडिट प्रक्रिया में कमियों को स्वीकार किया और बताया कि पहले जमा की गई रिपोर्ट फाइनल नहीं थी। उन्होंने कहा, “रिपोर्ट डेडलाइन पूरी करने के लिए दी गई थी। ऑडिटर के कुछ सवालों के जवाब अधिकारियों ने ठीक से नहीं दिए, जिससे नेगेटिव बातें सामने आईं। यह ऑडिटर की गलती नहीं है।”

अब बोर्ड ने आपत्तियों की जांच और ऑडिटर से बातचीत के लिए एक टास्क फोर्स बनाई है। बोर्ड ने केरल हाईकोर्ट को भरोसा दिलाया है कि 26 फरवरी से पहले एक रिवाइज्ड और फाइनल रिपोर्ट जमा कर दी जाएगी।

इस विवाद के केंद्र में उस इवेंट के कामों के लिए उरालुंगल लेबर कॉन्ट्रैक्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी को जमा किए गए 7 करोड़ रुपए का बिल है। जयकुमार ने घोषणा की कि कुल खर्च 4.99 करोड़ रुपए तक सीमित रहेगा, जिससे बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावों को खारिज किया गया। उन्होंने खाने के अकाउंट्स और नंदगोविंदन भजन प्रोग्राम से जुड़े लेन-देन में हुई गलतियों को स्वीकार किया और कहा कि सभी दावों को बिना जांच के स्वीकार नहीं किया जाएगा।

टीडीबी अब फाइनेंशियल गैप को कम करने के लिए स्पॉन्सरशिप पर काफी निर्भर है। जयकुमार ने दोहराया कि हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार, देवस्वोम बोर्ड के फंड से एक भी रुपया नहीं निकाला जाएगा।

अगर स्पॉन्सरशिप फंड पूरे नहीं होते हैं, तो देनदारियों का भुगतान कैसे किया जाएगा, इस पर सवाल बने हुए हैं। केआईआईएफबी -एम्पैनल्ड एजेंसी, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन को इवेंट मैनेजर के रूप में अपॉइंट करना भी जांच के दायरे में आ गया है।

ऑडिटर्स ने कथित तौर पर यह तर्क खारिज कर दिया कि एम्पैनलमेंट से कोई गड़बड़ी नहीं होती, लेकिन जयकुमार ने स्पष्ट किया कि पिछले बोर्ड के फैसलों पर सवाल नहीं उठाया जाएगा। कानूनी और प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों के साथ हाई कोर्ट के सामने बोर्ड की डिटेल्ड सफाई के बाद अगले कदम का फैसला होने की संभावना है।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
7,931
Messages
7,963
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top