शिलांग, 16 फरवरी। मेघालय के राज्यपाल सी. एच. विजयशंकर ने सोमवार को कहा कि पिछले सात वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था लगभग दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि निरंतर उच्च विकास दर राज्य के लोगों की मजबूती और सरकार की दीर्घकालिक विकास दृष्टि को दर्शाती है।
मेघालय विधानसभा के बजट सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने बताया कि वर्ष 2024-25 में राज्य ने 9.66 प्रतिशत की वास्तविक सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वृद्धि दर्ज की, जिससे यह तमिलनाडु के बाद देश का दूसरा सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला राज्य बन गया।
उन्होंने कहा, “कोविड महामारी के बाद लगातार दो वर्षों तक औसतन 10 प्रतिशत की वृद्धि बनाए रखने वाला मेघालय देश का एकमात्र राज्य है। हमारी अर्थव्यवस्था 2018 में 29,508 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 59,626 करोड़ रुपये हो गई है।” उन्होंने इस प्रदर्शन को असाधारण बताया।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार का विकास एजेंडा ‘विजन 2032’ से निर्देशित है, जिसका लक्ष्य 2022 के स्तर से राज्य की अर्थव्यवस्था को तीन गुना करना और प्रति व्यक्ति आय तथा सतत विकास लक्ष्यों के मामले में मेघालय को देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल करना है।
उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य को ‘मेघालय एक्सीलेंस फ्रेमवर्क’ के माध्यम से लागू किया जा रहा है, जो राज्य का रणनीतिक रोडमैप है।
राज्य में कृषि, सड़क, बिजली, जल आपूर्ति, निवेश प्रोत्साहन, आईटी और संचार, पर्यटन जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को भी मजबूती दी जा रही है।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य 12,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 15 बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाएं लागू कर रहा है, जिनमें सड़क, बिजली, कृषि, जल संरक्षण और पर्यटन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन परियोजनाओं को बहुपक्षीय एजेंसियों का सहयोग प्राप्त है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की योजनाएं, विशेष रूप से पीएम-डेविन, राज्य में कनेक्टिविटी और पर्यटन अवसंरचना को और मजबूत कर रही हैं।
राज्य अब तक 1,800 करोड़ रुपये से अधिक का निजी निवेश आकर्षित कर चुका है और 2032 तक 8,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश जुटाने का लक्ष्य है, जिससे 50,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रशासनिक सुधार, डिजिटल प्लेटफॉर्म और विनियमन में ढील से पारदर्शिता और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में सुधार हुआ है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में मेघालय के सामुदायिक आधारित जलवायु लचीलापन मॉडल की सराहना की गई है, जिसमें बड़े पैमाने पर स्प्रिंग मैपिंग और जल संरक्षण पहल शामिल हैं।
राज्यपाल ने भरोसा जताया कि अवसंरचना, ऊर्जा क्षेत्र सुधार और सतत विकास पर निरंतर ध्यान से राज्य में समावेशी विकास और समृद्धि सुनिश्चित होगी।