लखनऊ, 16 फरवरी। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री आशीष पटेल ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के एसआईआर पर दिए बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में मिलने वाली हार के डर से अखिलेश यादव लोगों में एसआईआर को लेकर भ्रम फैला रहे हैं।
मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वहां पर चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए एसआईआर कराया। इस दौरान विपक्षी दलों ने जनता को गुमराह करने के लिए कई झूठे दावे किए, लेकिन जब उनसे प्रमाण मांगा गया तो किसी के पास नहीं था। वोट काटे जाने की शिकायतें नहीं थीं और मेरा तो ये कहना है कि जब विपक्ष के साथी यह जानते हैं कि जनमानस उनके साथ नहीं है तो वे भ्रम क्यों फैलाते हैं।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को भी पता है कि जनमानस उनके साथ नहीं है और चुनाव में उनकी हार होने वाली है, तो स्वाभाविक तौर पर इस तरह की बातें उठाकर और एसआईआर जैसे जिम्मेदारी पूर्ण कार्य को डिरेल करने का प्रयास कर रहे हैं।
मंत्री आशीष पटेल ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' पर हो रहे विवाद पर कहा कि राष्ट्रीय गीत सभी का है। यह राष्ट्रीय गीत जिसे गाना है, वह गा सकता है। उसके लिए ऑप्शन खुला है। जिसको नहीं गाना है, वह न गाए। मुझे नहीं लगता किसी पर दबाव है। अगर वह राष्ट्र से प्रेम करता है और राष्ट्र के प्रति समर्पित है, तो राष्ट्रीय गीत पर किसी प्रकार की दुर्भावना नहीं होनी चाहिए।
यूजीसी के नए नियमों पर आशीष पटेल ने कहा कि हमारी पार्टी का गठन शोषित, वंचित, दबे-कुचले लोगों के हितों की रक्षा करने के लिए हुआ है। जहां तक यूजीसी की बात है, हमारी पार्टी और हमारी नेता (अनुप्रिया पटेल) प्रारंभ से यूजीसी रेगुलेशन को लागू करने के पक्ष में रही हैं। उन्होंने उचित स्तर पर कई जगह बात भी की है। हर चीज में आपको नहीं बता सकता, लेकिन हमारी नेता जहां अपनी बात रखनी चाहिए थी, उचित फोरम था, वहां पर उन्होंने अपनी बात भी रखी और पार्टी का स्टैंड क्लियर है कि यूजीसी रेगुलेशन के पक्ष में है। जहां तक अभी की बात है, चूंकि मामला न्यायालय के अधीन है, तो मैं न्यायालय के किसी उस पर टिप्पणी नहीं कर सकता।