लखनऊ, 16 फरवरी। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 में योगी सरकार ने उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दो राजकीय विश्वविद्यालयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।
सदन ने उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 को बहुमत से पारित कर दिया।
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य उच्च शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाना है।
उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और एकात्म मानववाद के दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाते हुए ग्रामीण, पिछड़े और वंचित क्षेत्रों तक विश्वविद्यालयों का विस्तार किया जा रहा है। भदोही में बनेगा काशी नरेश विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के तहत ज्ञानपुर, जनपद भदोही स्थित काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय को उन्नत कर विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। इससे क्षेत्र के 23 संबद्ध महाविद्यालयों को संबद्धता मिलेगी और हजारों छात्रों को उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
मंत्री ने कहा कि यह निर्णय पूर्वांचल क्षेत्र को एक नए शैक्षिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। शाहजहांपुर में स्वामी सुखदेवानंद विश्वविद्यालय द्वितीय संशोधन विधेयक के माध्यम से शाहजहांपुर स्थित मुमुक्षु आश्रम ट्रस्ट की शैक्षिक इकाइयों को उच्चीकृत कर स्वामी सुखदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि ट्रस्ट ने एमओयू के माध्यम से अपनी चल-अचल संपत्तियां और संसाधन राज्य सरकार को हस्तांतरित किए हैं। इससे 60 क्षेत्रीय महाविद्यालयों को संबद्धता मिलेगी और स्थानीय युवाओं को शिक्षा व रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
मंत्री उपाध्याय ने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 2017 के बाद राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं। पहले कई मंडलों में सरकारी विश्वविद्यालयों का अभाव था, लेकिन अब हर जिले तक विश्वविद्यालय पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल संस्थानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्ता सुधार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शोध और कौशल आधारित शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उच्च शिक्षा को रोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की नीति के तहत प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि इन दोनों विश्वविद्यालयों की स्थापना से क्षेत्रीय संतुलन के साथ उच्च शिक्षा का विकेंद्रीकरण होगा और ग्रामीण युवाओं को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर मिल सकेंगे।