भाजपा का प्रियांक खड़गे पर पलटवार, आरएसएस को बीमार लोगों से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं

भाजपा का प्रियांक खड़गे पर पलटवार, आरएसएस को बीमार लोगों से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं


नई दिल्ली, 16 फरवरी। भाजपा ने सोमवार को कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे के आरएसएस के खिलाफ दिए गए बयान पर कड़ी आलोचना की। पार्टी ने कहा कि राष्ट्रवादी संगठन को किसी मानसिक रूप से दिवालिया कांग्रेस नेता से किसी भी तरह का प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है।

भाजपा की प्रतिक्रिया खड़गे के उस बयान के एक दिन बाद आई। प्रियांक खड़गे ने रविवार को बेंगलुरु में आरएसएस पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाया और उसके फंड के स्रोतों पर सवाल उठाए।

खड़गे ने आरोप लगाया, “आरएसएस का 2,500 से अधिक संगठनों का नेटवर्क है। वे उनसे पैसा लेते हैं। मैं कह रहा हूं कि ये लोग मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं।”

उन्होंने सवाल उठाया कि यह संगठन पंजीकृत क्यों नहीं है और क्या वह खुद को कानून या संविधान से ऊपर मानता है।

कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, “किसी को नहीं पता कि आरएसएस को पैसा कहां से मिलता है। 2,000 से ज्यादा या करीब 2,500 संगठन देश और विदेश में तथाकथित ‘दक्षिणा’ के जरिए आरएसएस का समर्थन कर रहे हैं। ये सभी आरएसएस से जुड़े हुए हैं। अमेरिका में लॉबिंग करने के लिए इन्हें पैसा कहां से मिलता है?”

उन्होंने आगे दावा किया, “बहुत स्पष्ट रूप से अमेरिका सरकार ने एक दस्तावेज जारी किया जिसमें कहा गया कि आरएसएस अमेरिका में राष्ट्र निर्माण के लिए लॉबिंग कर रहा था। इतना सारा पैसा इन्हें कहां से मिलता है? भारत के लोगों को जानने की जरूरत है कि यह तथाकथित सांस्कृतिक संगठन देश के सामाजिक ताने-बाने को कैसे नुकसान पहुंचा रहा है। यह राष्ट्र निर्माण के अलावा सब कुछ कर रहा है।”

इन टिप्पणियों के बाद भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरएसएस का बचाव करते हुए कांग्रेस पर जानबूझकर राष्ट्रवादी संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया।

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने आईएएनएस से कहा, “आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रवादी संगठन है और इसे प्रियांक खड़गे जैसे बीमार और मानसिक रूप से अस्थिर लोगों से किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक आरएसएस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहां तक कि इंदिरा गांधी ने भी आरएसएस का सम्मान किया था।”

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने भी तीखा हमला करते हुए कहा, “राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के भ्रष्ट राजकुमार-राजकुमारियां जानबूझकर राष्ट्रवादी ताकतों, भारत की बहादुर सेना और भारतीय संस्थाओं को विदेशी टूलकिट के तहत बदनाम करने की कोशिश करते हैं। उनका यह कदम अपने विदेशी आकाओं को खुश करने के लिए है।”

तरुण चुग ने आगे कहा, “आरएसएस में कार्यकर्ता अपना पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित करते हैं। उनके लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है।”

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने प्रियांक खड़गे को संगठन से सीधे जुड़ने की चुनौती देते हुए कहा, “कभी किसी शाखा में आइए, एक साप्ताहिक शाखा में भाग लीजिए, तब आपको समझ आएगा कि राष्ट्रवाद क्या होता है। वे जानबूझकर ऐसे विवादित बयान देते हैं।”

भाजपा नेता सतीश पूनिया ने कहा कि खड़गे की टिप्पणियां निराशा को दर्शाती हैं। उन्होंने आईएएनएस से कहा, “खड़गे पहले भी इस तरह की अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर चुके हैं और ऐसे बयान दिए हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह उनकी हताशा और निराशा है जो उनके शब्दों में झलकती है।”

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ ने भी कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा, “ऐसा लगता है कि पूरी कांग्रेस ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है।”
 

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