ग्रेटर नोएडा, 16 फरवरी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्र बिलासपुर में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए लगभग 18,770 वर्ग मीटर जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया। प्राधिकरण की टीम ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। मुक्त कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 37.5 से 40 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
प्राधिकरण सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर भूलेख एवं परियोजना विभाग की संयुक्त टीम ने यह अभियान चलाया। जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर के खसरा नंबर 100, 104 और 105 की जमीन पर कुछ कालोनाइजर अवैध रूप से प्लॉटिंग की तैयारी कर रहे थे। जमीन पर बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई थी और दो मकानों का निर्माण भी कर लिया गया था।
शिकायत मिलने के बाद प्राधिकरण ने मौके का निरीक्षण किया और अवैध निर्माण पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया। कार्रवाई के दौरान भूलेख विभाग के ओएसडी रामनयन सिंह के नेतृत्व में वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मियों की तैनाती में बुलडोजर से बाउंड्रीवाल, प्लॉटिंग के लिए बनाए गए ढांचे और दो अवैध मकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या बिना नक्शा पास कराए किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही दोबारा निर्माण करने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह ने बताया कि संबंधित जमीन पर अवैध कॉलोनी विकसित करने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद यह अभियान चलाया गया। उन्होंने आम जनता से अपील की कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से सत्यापन अवश्य कर लें, ताकि अवैध कॉलोनियों में निवेश कर अपनी गाढ़ी कमाई जोखिम में न डालें।