कोयंबटूर, 15 फरवरी। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर एक्ट्रेस और मिस सुप्रानैशनल 2016 श्रीनिधि शेट्टी सद्गुरु के आश्रम पहुंचीं। इस मौके पर उन्होंने आईएएनएस से बातचीत करते हुए महाशिवरात्रि के अपने अनुभव और जीवन के दृष्टिकोण के बारे में खुलकर बात की।
श्रीनिधि शेट्टी ने कहा, ''महाशिवरात्रि मेरे लिए हमेशा से ही खास रही है। बचपन में यह त्योहार मेरे लिए शिव की पूजा करने, स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेने और रात भर जागने का अवसर होता था, लेकिन स्कूल की वजह से इस पर्व का पूरी तरह से आनंद नहीं ले पाते थे।''
इसके अलावा, श्रीनिधि ने मेडिटेशन और आध्यात्मिक जागरूकता पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, ''जिंदगी कभी-कभी तनावपूर्ण हो सकती है। हर दिन समान नहीं होता। ऐसे समय में मेडिटेशन करना बेहद जरूरी है।''
उन्होंने सद्गुरु के दृष्टिकोण का हवाला देते हुए कहा, "मेडिटेशन का मतलब केवल बैठकर अभ्यास करना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति हर समय जुड़ा रह सकता है। जब भी मौका मिले, चाहे वह कुछ मिनटों का ही क्यों न हो, व्यक्ति को अपने भीतर की शांति और जागरूकता का अनुभव करना चाहिए।"
श्रीनिधि ने कहा, ''आध्यात्मिक अभ्यास मेरे लिए जीवन का एक हिस्सा बन गया है। यह मेरे रोजमर्रा के जीवन को संतुलित बनाए रखने और मानसिक शांति पाने में मदद करता है। यह अभ्यास पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन दोनों में स्थिरता और स्पष्टता प्रदान करता है।''
करियर की बात करें तो श्रीनिधि शेट्टी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत कन्नड़ फिल्म 'केजीएफ: चैप्टर 1' (2018) से की। इस फिल्म में उनकी भूमिका ने दर्शकों का दिल जीता और उन्हें साउथ इंडियन इंटरनेशनल मूवी अवॉर्ड में बेस्ट फीमेल डेब्यू कन्नड़ के लिए नॉमिनेशन मिला। इसके बाद उन्होंने 'केजीएफ: चैप्टर 2' (2022) में काम किया। यह फिल्म उस साल की दूसरी सबसे बड़ी कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन गई।
श्रीनिधि ने तमिल फिल्म 'कोबरा' और तेलुगु फिल्म 'एचआईटी: द थर्ड केस' में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने 'एचआईटी' में आईपीएस अधिकारी मृदुला का किरदार निभाया, जिसे लोगों ने काफी सराहा। उनके अभिनय में गहराई और विविधता उन्हें बाकी अभिनेत्रियों से अलग बनाती हैं।