मुंबई, 15 फरवरी। अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी की फिल्म 'दो दीवाने शहर में' सिनेमाघरों में रिलीज को तैयार हैं। इस बीच फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त अभिनेता ने प्यार, नुकसान और दर्द से निपटने के अपने तरीके पर बात की। उनका मानना है कि आर्ट के लिए दर्द सबसे कम आंका जाने वाला रॉ मटीरियल है।
‘दो दीवाने शहर में’ फिल्म की रिलीज 20 फरवरी को होने वाली है। प्रमोशन के दौरान सिद्धांत ने आईएएनएस से खास बातचीत की। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कभी ‘बैटमैन मोड’ में आते हैं, यानी दर्द को किसी खूबसूरत चीज में बदलने के लिए खुद को पूरी तरह से नियंत्रित कर लेते हैं तो उन्होंने कहा कि वह दर्द को दबाते नहीं, बल्कि उसे अपनी कला में बदल देते हैं।
सिद्धांत ने कहा, “ऐसा करने का यही तरीका है। मुझे लगता है कि दर्द को दबाना आर्ट में दिखता है। मैं इसे अपने क्राफ्ट में चैनलाइज करने की कोशिश करता हूं। मैं इसे लिखने की कोशिश करता हूं, गाना बनाता हूं, डांस करता हूं, म्यूजिक लगाता हूं और जो भी महसूस कर रहा हूं उसे पूरी तरह बयां करता हूं। मुझे खुद को एक्सप्रेस करने का यही तरीका आता है। कभी-कभी मैं अपने माता-पिता या दोस्तों से भी इस बारे में बात करता हूं, लेकिन मैं इसे हमेशा अपने तक सीमित नहीं रखता। मुझे लगता है कि दर्द दुनिया के सबसे महान आर्ट पीस बनाने के लिए सबसे कम आंका जाने वाला रॉ मटीरियल है।”
उन्होंने आगे बताया, “उस अफरा-तफरी, उस तबाही, उस दर्द के पल में जो कुछ भी घूम रहा है, मैं उसे चैनलाइज करने की कोशिश करता हूं, यह एनर्जी है। जब आप इसे किसी ऐसी चीज में बदल देते हैं जो लोगों को प्रभावित कर सकता है, तो यह बहुत खास हो जाता है।”
सिद्धांत ने यह भी बताया कि वह फिलहाल अपनी जिंदगी और सफलता का पूरा मजा ले रहे हैं। वह अपकमिंग फिल्म में खास अंदाज में नजर आएंगे।
‘दो दीवाने शहर में’ एक रोमांटिक ड्रामा है, जिसमें सिद्धांत चतुर्वेदी के साथ संदीपा धर, मृणाल ठाकुर और आयशा रजा भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म को जी स्टूडियोज, भंसाली प्रोडक्शंस, संजय लीला भंसाली, प्रेरणा सिंह, उमेश कुमार बंसल और भरत कुमार रंगा ने रवि उदयवार फिल्म्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है।