इंफाल, 14 फरवरी। मणिपुर के उखरुल जिले के लितान सरेइखोंग क्षेत्र में शनिवार को एक बार फिर फायरिंग की घटना सामने आई। पुलिस के मुताबिक, यह फायरिंग कथित तौर पर तांगखुल नागा गांव के स्वयंसेवकों द्वारा की गई, जिससे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बन गया।
पुलिस ने लितान गांव और उसके आसपास रहने वाले कुकी और नागा समुदायों से संयम बरतने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है, ताकि स्थिति और न बिगड़े।
पुलिस बयान के अनुसार, सिकिबुंग और लितान सरेइखोंग के बीच पहाड़ी तलहटी क्षेत्र में तांगखुल स्वयंसेवकों द्वारा 12 बोर हथियार से लगभग 12 राउंड फायर किए गए।
बयान में कहा गया कि “मौजूदा हालात को देखते हुए इस घटना से लितान क्षेत्र में आम लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। संदिग्ध खाली कारतूस जिस स्थान से चलाए गए, उसकी संयुक्त टीम ने पुष्टि की है।”
जांच टीम में जिला पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान और तांगखुल समुदाय के नागरिक शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार से ही सीमा सुरक्षा बल की टीम को मोंगकोट चेपु की ओर थौबल नदी के किनारे तैनात किया गया है। वहीं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की टीम लितान सरेइखोंग की ओर नदी के किनारे तैनात है।
दोनों ओर सुरक्षा बलों की मौजूदगी को विश्वास बहाली के कदम के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
मणिपुर पुलिस ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट या भ्रामक जानकारी साझा न करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि तनाव बढ़ाने के उद्देश्य से फर्जी या भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसी भी प्रकार की जानकारी या पुष्टि के लिए आम जनता को जिला मजिस्ट्रेट या पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
पिछले सप्ताह से लितान सरेइखोंग में जारी तनाव के कारण इंफाल-उखरुल सड़क पर सार्वजनिक परिवहन समेत वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।
हालांकि स्थिति में सुधार के संकेत मिलने के बाद राज्य सरकार ने शुक्रवार को उखरुल जिले और कामजोंग व कांगपोकपी जिलों के कुछ हिस्सों में पांच दिनों से निलंबित इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी हैं।
गौरतलब है कि 7 फरवरी को लितान गांव में तांगखुल नागा समुदाय के एक व्यक्ति के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद यह विवाद शुरू हुआ था। बाद में पीड़ित पक्ष और लितान सरेइखोंग के प्रमुख के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत मामले को सुलझाने पर सहमति बनी थी।
इस बीच, मणिपुर के उपमुख्यमंत्री लोसी दीखो ने कहा कि राज्य सरकार शांति और विकास बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।