गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों को फोर-लेन NH-56 का तोहफा, कैबिनेट ने दी 4500 करोड़ से अधिक की मंजूरी

कैबिनेट ने गुजरात में एनएच 56 के धमासिया-बिटदा और मूवी एवं नासरपोर-मालोथा हिस्से को फोर-लेन में अपग्रेड करने की दी मंजूरी


नई दिल्ली, 14 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों पर कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) की बैठक में गुजरात में एनएच 56 के धमासिया-बिटदा और मूवी एवं नासरपोर-मालोथा हिस्से को फोर-लेन में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी है। इसकी कुछ लागत 4,583.64 करोड़ रुपए होगी।

सीसीईए ने कहा कि इस प्रोजेक्ट का निर्माण एचएएम मोड पर किया जाएगा और इसकी कुल लंबाई 107.67 किलोमीटर होगी।

यह प्रोजेक्ट एनएच-56 का एक हिस्सा है जो राजस्थान राज्य के निम्बाहेड़ा से शुरू होता है और गुजरात के दाहोद जिले, मध्य प्रदेश राज्य के अलीराजपुर जिले से होते हुए छोटा उदेपुर जिले के पास गुजरात में फिर से प्रवेश करती है और वापी के पास एनएच-48 के साथ अपने जंक्शन पर समाप्त होती है।

स्वीकृत प्रोजेक्ट नर्मदा जिले से होकर गुजरते हैं और दाहोद, छोटा उदयपुर, तापी और भरूच के आदिवासी क्षेत्रों से संपर्क स्थापित करने में सहायक होंगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास में मदद मिलेगी। यह प्रोजेक्ट एनएच-56 से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित केवडिया गांव में स्थित प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन स्थल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से भी संपर्क स्थापित करने में सुधार करेगा।

यह प्रोजेक्ट 100 किमी/घंटा की गति के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे 70 किमी/घंटा की औसत गति प्राप्त होगी और यात्रा का समय 40 प्रतिशत कम होकर 2.5 घंटे से घटकर 1.5 घंटे हो जाएगा।

107.67 किलीमीटर की स्वीकृत प्रोजेक्ट्स से लगभग 19.38 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार और 22.82 लाख मानव-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा। प्रस्तावित कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के कारण परियोजना से अतिरिक्त रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के माध्यम से एनएच-56 के भीड़भाड़ वाले जांबुगम (बोडेली)-मालोथा खंड (175 किमी) को चार लेन में बदलने का कार्य चार पैकेजों के तहत शुरू किया है। जांबुगम (बोडेली) से धमासिया और मोवी से नासरपुर तक के खंडों के लिए ठेके पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं और निर्माण कार्य नवंबर 2025 में शुरू हो चुका है, जिसका लक्ष्य 2 वर्षों में पूरा करना है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर बोडेली से मालोथा तक निरंतर चार लेन की कनेक्टिविटी स्थापित हो जाएगी, जिससे एनएच-56 पर भीड़ कम होगी और एनएच-53, एनएच-48 और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (एनई-4) से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
6,898
Messages
6,930
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top