नई दिल्ली, 13 फरवरी। पीएम मोदी 14 फरवरी को असम दौरे पर रहेंगे। उन्होंने अपने इस दौरे को लेकर कहा है कि मुझे पूरा भरोसा है कि असम हमें सेवा करने के लिए फिर से आशीर्वाद देगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि मैं डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी में प्रोग्राम में शामिल होने के लिए 14 फरवरी को असम में रहूंगा। सुबह 10:30 बजे, मैं डिब्रूगढ़ में मोरन बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी पर उतरूंगा। पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की यह पहली आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ), स्ट्रेटेजिक आवश्यकताओं और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए एक महत्वपूर्ण एसेट के रूप में कार्य करेगी। यह इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए जरूरी होगा, जिससे मुश्किल हालात में बचाव और राहत ऑपरेशन समय पर शुरू हो सकेंगे।
नॉर्थईस्ट के लिए यह बहुत खुशी की बात है कि आईआईएम गुवाहाटी का उद्घाटन होगा। इससे इस इलाके में एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और पूरे देश से स्टूडेंट्स भी यहां आएंगे।
पीएम ने आगे लिखा कि 14 फरवरी को, मैं गुवाहाटी में असम भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करूंगा। दस साल पहले, असम के लोगों ने हमें आशीर्वाद दिया था और सेवा करने का मौका दिया था। इन वर्षों में असम में हमारी सरकार ने लोगों के सपनों को पूरा करने के लिए बहुत मेहनत की है। मुझे पूरा भरोसा है कि असम हमें एक बार फिर आशीर्वाद देगा।
पीएम मोदी असम दौरे के दौरान गुवाहाटी में 5,450 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री ब्रह्मपुत्र नदी पर लगभग 3,030 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे। गुवाहाटी को उत्तर गुवाहाटी से जोड़ने वाला यह 6-लेन का एक्स्ट्राडोज्ड प्रेस्ट्रेस्ड कंक्रीट (पीएससी) पुल, पूर्वोत्तर भारत का पहला एक्स्ट्राडोज्ड पुल है। इससे गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 7 मिनट रह जाएगा। इस क्षेत्र की उच्च भूकंपीय संवेदनशीलता को देखते हुए, पुल में फ्रिक्शन पेंडुलम बियरिंग्स का उपयोग करते हुए बेस आइसोलेशन तकनीक को अपनाया गया है। पुल के स्थायित्व और दीर्घकालिक संरचनात्मक प्रदर्शन को सुनिश्चित करने के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले स्टे केबल्स का उपयोग किया गया है। इसके अतिरिक्त, रियल-टाइम कंडीशन मॉनिटरिंग, क्षति का शीघ्र पता लगाने और बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसमें ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (बीएचएमएस) को भी शामिल किया गया है।
प्रधानमंत्री कई प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी को गति देना, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना और सार्वजनिक परिवहन में सुधार करना है। ये परियोजनाएं पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को एक नई और व्यापक गति प्रदान करेंगी।