'आईएनएसवी कौंडिन्य' से जोखिम लेने की संस्कृति लाई सामने: सान्याल बोले- यह असंभव को सच करने जैसा था

आईएनएसवी कौंडिन्य के जरिए हमारी कोशिश जोखिम लेने की संस्कृति को सामने लाना था : संजीव सान्याल


पुणे, 13 फरवरी। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के सदस्य संजीव सान्याल ने शुक्रवार को कहा कि आईएनएसवी कौंडिन्य के जरिए हमारी कोशिश जोखिम लेने की संस्कृति को सामने लाना था। साथ ही कहा कि महान सभ्यताएं उन कार्यों को करने की भावना पर आधारित होती हैं जिनके पूरी तरह से गलत जाने की संभावना भी होती है।

आईएनएसवी कौंडिन्य के बार में एक कार्यक्रम में बोलते हुए सान्याल ने कहा कि यह एक सामान्य आईडिया था, जिसे हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने प्रस्तुत किया था और फिर इसे बनाने का रिस्क लिया। हर स्तर पर हमारे गलत होने की संभावना थी।

सान्याल ने कहा कि यह एक समुद्री जहाज बनाने का कार्य था, जबकि मैं एक अर्थशास्त्री हूं। शुरुआत हर किसी को संदेह था, क्योंकि हम एक ऐसा जहाज बनाने जा रहे थे, जिसे पेंटिंग्स में छोड़कर कभी किसी ने हकीकत में नहीं देखा था।

उन्होंने आगे बताया कि यहां से लोगों को विजन के बारे में समझाने और जहाज बनाने तक के रास्ते में कई चीजें गलत हुईं। हमने काफी कुछ सीखा।

सान्याल ने बताया कि जब हमने इसे पहली बार पानी में उतारा, तो 100 प्रतिशत हमें भी यकीन नहीं था कि यह तैरेगा या नहीं। फिर हमने उसे चलाने की कोशिश की, इस दौरान हमारे साथ की राष्ट्रीय स्तर के नाविक थे, इस जहाज को चलाने के लिए उन्हें अपने नौकायन कौशल को पूरी तरह से सीधना पड़ा, क्योंकि यह जहाज सामान्य आधुनिक समुद्र जहाजों के किसी नियम का पालन नहीं करता था।

उन्होंने आगे बताया कि इस दौरान हम बहुत सारे जोखिम उठा रहे थे, जिसमें शारीरिक जोखिम, बौद्धिक जोखिम और प्रतिष्ठा संबंधी जोखिम शामिल थे। ठीक इसी प्रकार हर तरह का इनोवेशन, चाहे छोटा हो या बड़ा, किसी न किसी स्तर पर ऐसा ही करता है।

सान्याल ने आगे बताया कि अगर आप कोई बिजनेस शुरू करें या फिर वैज्ञानिक या कुछ और बनें। हर स्टेज पर आपको कुछ न कुछ जोखिम लेना होगा। किसी भी संस्कृति में जोखिम लेने की क्षमता होनी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उसे आगे बढ़ने में मदद करती है।
 

Latest Replies

Forum statistics

Threads
13,851
Messages
13,888
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top