शिवपुरी का खुलवासा पंचायत भवन बना ग्रामीण विकास का मॉडल, आधुनिक सुविधाओं से चमका, ग्रामीणों को मिली नई पहचान

मध्य प्रदेश: खुलवासा पंचायत भवन बना ग्रामीण विकास का मॉडल, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नई पहचान


शिवपुरी, 13 फरवरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित खुलवासा ग्राम पंचायत ग्रामीण विकास की सशक्त तस्वीर के रूप में उभरा है। नए पंचायत भवन को आधुनिक डिजाइन, स्वच्छ परिसर और सुसज्जित कक्ष विशेष पहचान देते हैं। यह भवन न केवल प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र है, बल्कि ग्रामीणों के लिए सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण भी उपलब्ध करा रहा है। कुलवासा ग्राम पंचायत का यह मॉडल ग्रामीण विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रहा है।

भवन के भीतर प्रवेश करते ही अलग-अलग कार्यालय सुव्यवस्थित रूप से नजर आते हैं। सरपंच, सचिव और कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए अलग-अलग कक्ष बनाए गए हैं। एक आकर्षक अतिथि कक्ष भी तैयार किया गया है, जिसमें आरामदायक सोफा, डबल बेड, लंच टेबल और आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था है। पास ही सुसज्जित रसोईघर बनाया गया है, जहां अतिथियों के लिए चाय-नाश्ता तुरंत तैयार किया जा सकता है। इंडक्शन चूल्हा और आपात स्थिति के लिए गैस सिलेंडर की भी व्यवस्था की गई है।

मुख्य हॉल में चमचमाती टेबल-कुर्सियां और अत्याधुनिक मीटिंग व्यवस्था इसे किसी बड़े सरकारी कार्यालय जैसा स्वरूप देती है। यहां प्रतिदिन जनसुनवाई आयोजित की जाती है, जहां ग्रामीण समस्याएं लेकर पहुंचते हैं और मौके पर समाधान का प्रयास किया जाता है।

पटवारी चंचल रघुवंशी ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि वे प्रतिदिन सुबह लगभग दस बजे पंचायत भवन पहुंच जाते हैं और शाम छह बजे तक ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हैं। जमीन से संबंधित मामलों का यथासंभव यहीं समाधान करने का प्रयास किया जाता है। वर्तमान में केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत आबादी क्षेत्र में स्थित मकानों को मालिकाना हक देने का कार्य भी जारी है, जिससे ग्रामीणों को संपत्ति संबंधी अधिकार सुनिश्चित किए जा सकें।

ग्राम पंचायत में पदस्थ सचिव हरीश ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाता है और पारदर्शिता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है।

वहीं, हरिओम रघुवंशी ने बताया कि इस पंचायत भवन के निर्माण के लिए 37 लाख 50 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल की सोच थी कि हर गांव में आधुनिक पंचायत भवन और सामुदायिक भवन हो। इसी सोच के परिणामस्वरूप प्रदेश भर में पंचायत भवनों का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि अधिकारी और कर्मचारी बेहतर वातावरण में जनता की समस्याएं सुन सकें। भवन में सचिव और सरपंच कक्ष के साथ मीटिंग हॉल, अतिथि कक्ष और रसोई कक्ष बनाए गए हैं। साथ ही एक खुला ग्राउंड भी तैयार किया गया है, जहां ग्रामीण बैठकर अपनी बात रख सकते हैं।

हरिओम रघुवंशी ने कहा कि गांव का वातावरण स्वच्छ और प्राकृतिक है, जबकि शहरों में प्रदूषण की समस्या अधिक है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में भी कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि उन्हें बड़े शहर जैसा कार्य वातावरण मिल सके। पंचायत भवन में सौर ऊर्जा संयंत्र भी लगाया गया है, जिससे 24 घंटे बिजली उपलब्ध रहती है और बिजली कटौती के कारण कोई कार्य बाधित नहीं होता।
 

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