मुंबई, 13 फरवरी। इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईएमपीपीए) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर फिल्म इंडस्ट्री में फैले डर और असुरक्षा के माहौल पर गहरी चिंता जताई है। साथ ही मामले में दखल देने की अपील की है।
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर तेज, पूरी और पारदर्शी जांच कराने तथा रोहित शेट्टी, उनके परिवार और पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को उचित सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
आईएमपीपीए के अध्यक्ष अभय सिन्हा ने पत्र में लिखा, "रोहित शेट्टी ने भारतीय सिनेमा को बड़ा योगदान दिया है और देश-समाज के हित में हमेशा सहयोग किया है। रोहित शेट्टी ने न सिर्फ इंडियन सिनेमा में योगदान दिया, बल्कि जब भी जरुरत पड़ी, वह हमेशा देश के साथ खड़े रहे हैं, और समाज के हित में सोशल वर्क और कोशिशों को सपोर्ट करते आए हैं। इसलिए यह बहुत चिंता की बात है कि उनके घर पर ऐसी घटना हुई। इस घटना ने कलाकारों, प्रोड्यूसर्स, टेक्नीशियंस और अन्य सदस्यों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।"
उन्होंने कानून-व्यवस्था मजबूत करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के कड़े कदमों की अपील करते हुए कहा, यह घटना बॉलीवुड में सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ रही है। रोहित शेट्टी की सिक्योरिटी बढ़ाई जाए। इंडस्ट्री उम्मीद कर रही है कि आपके हस्तक्षेप से जांच तेज होगी और भविष्य में ऐसी वारदातें रुकेंगी।
घटना 1 फरवरी की आधी रात की है, जब रोहित शेट्टी की नौ मंजिला 'शेट्टी टावर' की पहली मंजिल (जहां उनका पर्सनल जिम है) पर कम से कम पांच राउंड फायरिंग की गई। एक गोली जिम की खिड़की के शीशे से टकराई, लेकिन किसी को चोट नहीं आई। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य शुभम लोनकर ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली और धमकी दी कि अगली गोलियां सीने में लगेंगी।
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच जांच में जुटी हुई है। हथियार सप्लायर असाराम बिश्नोई गैंग से जुड़ा पाया गया, जो गैरेज मैकेनिक की आड़ में काम करता था। मुख्य शूटर अभी फरार है। पुलिस ने हिरासत में लिए गए आरोपियों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) लगाया है। कोर्ट ने पांचों आरोपियों को 17 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया।