मुंबई, 13 फरवरी। 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट को बड़ी राहत मिली है। दंपत्ति को सुप्रीम कोर्ट ने मामले में अंतरिम जमानत दी है और जल्द से जल्द धोखाधड़ी का पैसा वापस करने का निर्देश दिया है।
विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट ने उदयपुर सेशन कोर्ट में राहत न मिल पाने के बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था और जमानत याचिका डाली थी। आज मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कुछ प्रतिबंध और निर्देश के बाद दंपत्ति को जमानत दे दी है। सीजेआई ने मामले पर राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया और दंपत्ति को बेल बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश भी दिया है। कोर्ट ने ये भी निर्देश दिया है कि दंपत्ति को जांच में पूरा सहयोग करना होगा और इस जांच के दौरान दिल्ली में ही रहना होगा और पासपोर्ट भी पुलिस के पास सरेंडर करने होंगे। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।
बता दें कि विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट ने फिल्म में निवेश के बाद मोटा पैसा वापस लौटाने का वादा किया था, लेकिन कुछ फिल्मों की शूटिंग के बाद पैसा वापस करने से मना कर दिया। दरअसल इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया की मुलाकात विक्रम भट्ट से हुई थी और वे अपनी पत्नी की बायोपिक बनवाना चाहते थे। दोनों के बीच 4 फिल्मों के निर्माण की बात हुई थी और अजय मुर्डिया ने 44.29 करोड़ रुपये भी निवेश के तौर पर दिए थे, लेकिन कुछ फिल्मों की शूटिंग के बाद मामला ठंडा पड़ गया।
पैसे वापस मांगने पर विक्रम भट्ट टालमटोल करने लगे और आखिर में कंपनी के संस्थापक को कोर्ट का रुख करना पड़ा। इससे पहले विक्रम भट्ट ने उदयपुर के सेशन कोर्ट में जमानत की याचिका डाली थी, लेकिन कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था। इसके अलावा भी विक्रम भट्ट पर 13.5 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला भी चल रहा है, जो फिल्मों के निवेश से जुड़ा है। इस मामले में 24 जनवरी को पुलिस स्टेशन में एक बिजनेसमैन ने शिकायत दर्ज कराई थी और मामले की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग की शाखा कर रही है।